राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा वर्ष 2026 की माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। ये परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू होंगी, जिनमें प्रदेशभर से करीब 19.86 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। इसे राज्य की सबसे बड़ी शैक्षणिक परीक्षा मानते हुए शिक्षा विभाग ने इसके सफल और निष्पक्ष संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
परीक्षा के साथ पढ़ाई भी रहे सुचारू
निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर की ओर से जारी परिपत्र में सभी संयुक्त निदेशक (स्कूल शिक्षा) और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान राजकीय विद्यालयों में नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। परीक्षा ड्यूटी और शैक्षणिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
उच्चस्तरीय बैठक के बाद जारी हुए निर्देश
परिपत्र में बताया गया है कि 19 दिसंबर 2025 को शासन सचिव, स्कूल शिक्षा, राजस्थान, जयपुर की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त परीक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर ये निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही पूर्व में जारी सभी संबंधित परिपत्रों की भी पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख दिशा-निर्देश क्या हैं?
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि—
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बोर्ड कार्यालय द्वारा 9 जनवरी 2026 को आयोजित संभाग और जिला स्तर की बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुसार सभी व्यवस्थाएं की जाएं।
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राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर की निर्देश पुस्तिका का गहन अध्ययन कर उसकी पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाए।
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परीक्षा अवधि में वीक्षक ड्यूटी केवल आवश्यकता अनुसार ही लगाई जाए, ताकि विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था बाधित न हो।
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ब्लैकलिस्टेड, जांचाधीन या पूर्व में परीक्षा कार्य में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों को किसी भी बोर्ड परीक्षा संबंधी कार्य में शामिल न किया जाए।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
परिपत्र में यह भी साफ किया गया है कि यदि किसी स्तर पर निर्देशों की अवहेलना पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिकारियों को इन आदेशों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
छात्रों की सुविधा सर्वोपरि
शिक्षा विभाग का कहना है कि इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन सुचारू रूप से हो और साथ ही अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित न हो। किसी भी स्थिति में छात्रों को असुविधा का सामना न करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।

