Bikaner News: पर्यावरण आंदोलन को मिल रहा सामाजिक संगठनों का साथ
बीकानेर में कल प्रस्तावित खेजड़ी बचाओ महापड़ाव को अब सामाजिक संगठनों का व्यापक समर्थन मिलने लगा है। इसी कड़ी में राजस्थानी मोट्यार परिषद, बीकानेर ने आंदोलन को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि वह पर्यावरण संरक्षण से जुड़े इस जनआंदोलन के साथ मजबूती से खड़ी है।
भाषा और पर्यावरण दोनों के लिए सक्रिय है मोट्यार परिषद
राजस्थानी मोट्यार परिषद पिछले करीब 25 वर्षों से राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए संघर्षरत रही है। भाषा के साथ-साथ परिषद पर्यावरण संरक्षण, लोक संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाती आई है।
सैकड़ों कार्यकर्ता होंगे महापड़ाव में शामिल
मोट्यार परिषद के गौरी शंकर प्रजापत ने बताया कि
कल राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में होने वाले खेजड़ी बचाओ महापड़ाव में परिषद के सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल होंगे। परिषद का मानना है कि खेजड़ी केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति और पर्यावरण का आधार है।
विश्नोई धर्मशाला में सौंपा समर्थन पत्र
परिषद के हरिराम विश्नोई ने जानकारी दी कि
आज विश्नोई धर्मशाला पहुंचकर आंदोलन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों और संयोजकों को लिखित समर्थन पत्र सौंपा गया है।
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इस दौरान जिन प्रमुख लोगों को समर्थन पत्र दिया गया, उनमें
राजेश चौधरी, कमल किशोर मारू, राम अवतार उपाध्याय, नमामि शंकर आचार्य, प्रशांत जैन, बजरंग विश्नोई, दिलीप सेन, नखतू चंद, पप्पू सिंह, मदन दान, मनोज विश्नोई और विनोद माली शामिल रहे।
आंदोलन को मिल रहा व्यापक जनसमर्थन
खेजड़ी बचाओ महापड़ाव को लेकर लगातार विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और पर्यावरणीय संगठनों का समर्थन सामने आ रहा है। आयोजकों का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पश्चिमी राजस्थान की आवाज बनेगा।

