बीकानेर। पंचायतों के पुनर्गठन और परिसीमन को लेकर बीकानेर में सियासी माहौल गरम हो गया है। नए परिसीमन को लेकर ग्रामीण कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को देहात कांग्रेस बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने जा रही है। बिश्नोई धर्मशाला से लेकर कलेक्ट्रेट तक आक्रोश मार्च निकाला जाएगा, जिसमें जिले भर से हजारों कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल होंगे।
कांग्रेस के अनुसार, राज्य सरकार ने पंचायत चुनाव से ठीक पहले परिसीमन में बदलाव किया है, जिससे चुनावी क्षेत्रों में संतुलन बिगड़ा है। देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि भाजपा ने उन क्षेत्रों में फेरबदल किया है जहां कांग्रेस की पकड़ मजबूत है। उनका आरोप है कि यह बदलाव केवल चुनावी लाभ के लिए किया गया है, जिससे जनता की सुविधा दरकिनार हो रही है।
नोखा, लूणकरणसर, श्रीडूंगरगढ़, खाजूवाला, पूगल और बीकानेर जैसी पंचायत समितियों में परिसीमन के कारण गांवों को अपनी पुरानी पंचायतों से हटाकर दूरस्थ समितियों में जोड़ा गया है, जिससे लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी।
विरोध प्रदर्शन के लिए कांग्रेस ने पिछले कई दिनों से गांव-गांव जाकर कार्यकर्ताओं को लामबंद किया है। बिश्नोई धर्मशाला में सुबह 11 बजे जमा होने के बाद कार्यकर्ता पैदल मार्च निकालेंगे और कलेक्ट्रेट तक अपनी नाराजगी जाहिर करेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस परिसीमन को जनता के साथ धोखा बताते हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतरने के निर्देश दिए हैं।
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कांग्रेस का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल राजनीतिक विरोध नहीं है, बल्कि ग्रामीणों की सुविधा और पंचायतों की वास्तविक भौगोलिक जरूरतों के लिए भी जरूरी है। कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकार ने जनता की आवाज नहीं सुनी, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

