कोलकाता। 77वें गणतंत्र दिवस के दिन पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक दर्दनाक हादसे ने जश्न को मातम में बदल दिया। शहर के बाहरी इलाके दक्षिण 24 परगना जिले के नजीराबाद क्षेत्र में स्थित एक गोदाम में भीषण आग लगने से अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस घटना में कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जबकि कुछ लोगों के लापता होने की भी आशंका जताई जा रही है।
तड़के लगी आग, तीन गोदाम आए चपेट में
जानकारी के अनुसार, 26 जनवरी की तड़के करीब तीन बजे आग उस गोदाम में लगी, जहां सूखे पैकेज्ड खाद्य पदार्थ और सॉफ्ट ड्रिंक्स की बोतलें रखी हुई थीं। ज्वलनशील सामग्री की अधिकता के कारण आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया और पास के दो अन्य गोदाम भी इसकी चपेट में आ गए। देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं और लपटों से घिर गया।
बाहर से बंद था गोदाम, फंस गए कर्मचारी
स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि जिस समय आग लगी, गोदाम बाहर से बंद था। इस कारण अंदर मौजूद कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड बाहर नहीं निकल सके। बताया जा रहा है कि रात की शिफ्ट में काम कर रहे कई लोग अंदर फंस गए थे। आग की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए, लेकिन संकरी गलियों के कारण बचाव कार्य में शुरुआती दिक्कतें आईं।
दमकल विभाग की 15 गाड़ियां तैनात
घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने तुरंत 15 फायर ब्रिगेड वाहनों को मौके पर भेजा। फायर फाइटर्स ने गैस कटर और अन्य उपकरणों की मदद से गोदाम के अंदर प्रवेश किया। पानी की सप्लाई और लंबी पाइप की कमी के कारण शुरुआत में आग बुझाने में परेशानी हुई, हालांकि कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया। फिलहाल कुछ हिस्सों में सुलगन बनी हुई है और राहत कार्य जारी है।
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राहत और बचाव कार्य जारी
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान गोदाम के अंदर से दो शव बरामद किए गए, जबकि अन्य शवों की तलाश जारी है। पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें संयुक्त रूप से मलबा हटाने और लापता लोगों की खोज में जुटी हुई हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
मंत्री और प्रशासन मौके पर
राज्य के ऊर्जा मंत्री अरूप बिस्वास घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस और फायर सर्विस पूरी तत्परता से राहत कार्य में लगी हुई हैं। फिलहाल प्राथमिकता घायलों को बचाने और आग को पूरी तरह नियंत्रित करने की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

