सदर थाना क्षेत्र के मामले में आया फैसला
बीकानेर की न्यायिक अदालत ने अवैध हथियार रखने के एक मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट रमेश कुमार ने अभियुक्त अशोक को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी मानते हुए दो वर्ष के साधारण कारावास और पांच हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
गश्त के दौरान मिली थी अवैध हथियार की सूचना
यह मामला 18 अक्टूबर 2024 का है। सदर थाना पुलिस गश्त पर थी, इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि अम्बेडकर भवन के पास एक युवक अवैध हथियार के साथ किसी वारदात की नीयत से खड़ा है। सूचना मिलते ही एएसआई रावताराम पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस को देखकर युवक वहां से जाने लगा, जिसे घेराबंदी कर रोक लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम अशोक पुत्र मोहनलाल बताया।
तलाशी में बरामद हुई देशी पिस्टल
पुलिस ने मौके पर स्वतंत्र गवाह बुलाने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी व्यक्ति गवाही के लिए आगे नहीं आया। इसके बाद पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में युवक की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसकी पैंट की जेब से एक देशी पिस्टल बरामद हुई। आरोपी के पास हथियार रखने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था।
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पुलिस ने पिस्टल को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया और सदर थाना में मामला दर्ज किया।
आपराधिक रिकॉर्ड बना सजा का आधार
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने यह तथ्य भी आया कि आरोपी अशोक के खिलाफ पहले से 24 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें से अधिकांश मामले चोरी और रात्रिकालीन अपराधों से जुड़े हुए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने आरोपी को परिवीक्षा का लाभ देने से इनकार कर दिया।
कोर्ट का अंतिम आदेश
अदालत ने आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए दो वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को 15 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

