ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए बारां जिले में जिला प्रशासन ने 5 जनवरी को सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। इसे संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि यदि मौसम की स्थिति गंभीर बनी रहती है तो अन्य जिलों में भी इसी तरह के निर्णय लिए जा सकते हैं।
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में सर्दी इस समय अपने चरम पर है। सिरोही जिले के माउंट आबू में लगातार तीसरे दिन तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं बीते 24 घंटों में राज्य के सात शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे चला गया। दिन के समय भी गलन भरी ठंड लोगों को परेशान कर रही है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 6 जनवरी के लिए धौलपुर, करौली, कोटा, सवाई माधोपुर, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा अलवर, जयपुर, चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों में कोल्ड-वेव को लेकर येलो अलर्ट घोषित किया गया है। 7 और 8 जनवरी को भी चूरू, सीकर, झुंझुनूं, अलवर और जयपुर में शीतलहर का असर बने रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक तेज सर्दी से राहत मिलने के आसार कम हैं।
इस स्थिति को देखते हुए कई जिलों में अभिभावक और शिक्षक संगठनों ने स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। उनका तर्क है कि सुबह के समय घना कोहरा और अत्यधिक ठंड छोटे बच्चों, खासकर प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
राज्य सरकार और शिक्षा विभाग फिलहाल मौसम विभाग की रिपोर्ट और जिला प्रशासन से मिलने वाले फीडबैक पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि ठंड का असर इसी तरह बना रहता है, तो स्कूलों में अवकाश बढ़ाने या समय परिवर्तन जैसे निर्णय लिए जा सकते हैं।
नियमों के अनुसार जिला कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में मौसम की गंभीरता को देखते हुए अवकाश घोषित करने या स्कूल समय में बदलाव करने का अधिकार है। ऐसे में अंतिम फैसला स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर लिया जाएगा।
गौरतलब है कि राजस्थान में इस वर्ष शीतकालीन अवकाश 25 दिसंबर से शुरू हुआ था और कुल 12 दिनों के बाद 5 जनवरी को समाप्त हुआ है। अब सभी की नजरें सरकार और जिला प्रशासन के अगले आदेश पर टिकी हुई हैं।