राजस्थान के बाड़मेर जिले के सांचौर से आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) द्वारा गिरफ्तार किए गए मौलवी ओसामा उमर से पूछताछ में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लिए भारत में एक गुप्त नेटवर्क खड़ा करने की साजिश का खुलासा हुआ है।
अफगानिस्तान में ‘जिहादी ट्रेनिंग’ का था प्लान
एटीएस की जांच में यह सामने आया है कि ओसामा उमर की योजना 8 नवंबर को दुबई के रास्ते अफगानिस्तान में TTP के बेस कैंप तक पहुँचने की थी। वहाँ उसे ‘जिहाद की ट्रेनिंग’ लेनी थी। इस ट्रेनिंग का अंतिम लक्ष्य पूरे भारत में, विशेषकर राजस्थान में, TTP का एक साइलेंट नेटवर्क स्थापित करना था। एटीएस की समय पर की गई कार्रवाई ने उसके इस घातक कदम को रोक दिया।
चार युवाओं की कट्टरपंथ की राह पर भर्ती
जांच एजेंसियों के मुताबिक, ओसामा अपनी भारत विरोधी योजना की नींव रख चुका था। उसने अब तक कम से कम चार स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की तरफ मोड़ने और उन्हें स्लीपर सेल के रूप में तैयार करने में सफलता हासिल कर ली थी। उसकी गिरफ्तारी इस भर्ती और ब्रेनवॉशिंग नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका है।
डिजिटल दुनिया में छुपा आतंकी कनेक्शन
ओसामा का परिवार धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा है, लेकिन उसने अपनी डिजिटल दुनिया का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए किया। उसके मोबाइल फोन से 3 लाख से अधिक फोटो और कई हिडन वीडियो बरामद हुए हैं। ये संवेदनशील फाइलें ‘हिडन स्पेस’ में छिपाई गई थीं और अब उसके पूरे नेटवर्क के संपर्क सूत्रों को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
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मौलवी से आतंकी संपर्क तक का सफर
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शैक्षणिक यात्रा: ओसामा ने करौली से शुरुआती धार्मिक शिक्षा ली, फिर उत्तर प्रदेश के देवबंद से उच्च धार्मिक शिक्षा प्राप्त की और महाराष्ट्र में अरबी भाषा का अध्ययन किया।
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कट्टरता की ओर: साल 2023 में सोशल मीडिया के माध्यम से वह कट्टरपंथी विचारधारा के प्रभाव में आया।
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संगठनों से जुड़ाव: वह जल्द ही TTP और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) जैसे प्रमुख आतंकी संगठनों से जुड़ गया।
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प्रेरणा स्रोत: वह कुख्यात आतंकी सैफुल्लाह से प्रेरित था और उसकी मौत के बाद भी उसके रिश्तेदारों से संपर्क में रहकर युवाओं की ऑनलाइन ब्रेनवॉशिंग कर रहा था।
एटीएस अब ओसामा के डिजिटल डेटा की गहनता से जांच कर रही है ताकि TTP की वास्तविक रणनीति और इस षड्यंत्र में शामिल अन्य भारतीय तत्वों की पहचान की जा सके। यह गिरफ्तारी देश में एक बड़े आतंकी खतरे को टालने में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

