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Khabar21 > Blog > देश-दुनिया > अमेरिका में शटडाउन से प्रशासन ठप, ट्रंप की नीतियों को झटका
देश-दुनिया

अमेरिका में शटडाउन से प्रशासन ठप, ट्रंप की नीतियों को झटका

editor
editor Published October 1, 2025
Last updated: 2025/10/01 at 3:21 PM
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अमेरिका में सरकारी शटडाउन शुरू, ट्रंप की नाकामी से संघीय कामकाज रुका

वॉशिंगटन। अमेरिका एक बार फिर सरकारी शटडाउन की स्थिति में पहुंच गया है, जिससे देश के संघीय संस्थानों का कामकाज ठप हो गया है। यह स्थिति तब बनी जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक रिपब्लिकन सांसद फंडिंग बिल पास कराने में असफल रहे। 1 अक्टूबर से शुरू हुए इस शटडाउन ने अमेरिकी प्रशासन को बड़े संकट में डाल दिया है और लाखों कर्मचारियों के वेतन तथा सेवाओं पर असर डालना शुरू कर दिया है।

Contents
अमेरिका में सरकारी शटडाउन शुरू, ट्रंप की नाकामी से संघीय कामकाज रुकासीनेट में फंडिंग बिल फेल, नहीं मिले ज़रूरी वोट7 साल बाद फिर से शटडाउन, पिछली बार ट्रंप सरकार में ही हुआ थासरकारी शटडाउन: क्या होता है और क्यों पड़ता है असर?लाखों कर्मचारियों की नौकरियों पर खतरा, सैलरी नहीं मिलने का संकटअमेरिकी अर्थव्यवस्था को हर दिन 1 बिलियन डॉलर का नुकसानइस संकट से कैसे निकलेगा अमेरिका?निष्कर्ष: ट्रंप को राजनीतिक झटका, आम नागरिक भुगत रहे हैं परिणाम

सीनेट में फंडिंग बिल फेल, नहीं मिले ज़रूरी वोट

मंगलवार रात अमेरिकी सीनेट में ट्रंप समर्थित रिपब्लिकन पार्टी ने फंडिंग बिल को पास कराने की अंतिम कोशिश की, लेकिन उन्हें अपेक्षित 60 वोटों के बजाय केवल 55 वोट ही मिल सके। डेमोक्रेट्स और कुछ निर्दलीय सांसदों ने इस बिल का विरोध किया, जिससे यह पारित नहीं हो सका।

इससे पहले भी ट्रंप ने भरोसा जताया था कि बिल पास हो जाएगा, लेकिन वोटिंग में मिली नाकामी ने उनकी रणनीति को गहरा झटका दिया है।


7 साल बाद फिर से शटडाउन, पिछली बार ट्रंप सरकार में ही हुआ था

अमेरिका में आखिरी बार सरकारी शटडाउन वर्ष 2018-19 में हुआ था, जब डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति थे। वह शटडाउन 35 दिनों तक चला, जो अमेरिकी इतिहास में सबसे लंबा था।

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इस बार भी उसी तरह का संकट सामने आया है, जिससे जनता में सरकार की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।


सरकारी शटडाउन: क्या होता है और क्यों पड़ता है असर?

सरकारी शटडाउन तब होता है जब अमेरिकी कांग्रेस संघीय सरकार के खर्च के लिए आवश्यक बजट को समय पर मंजूरी नहीं देती। इसके कारण:

  • गैर-जरूरी सरकारी सेवाएं बंद हो जाती हैं

  • लाखों सरकारी कर्मचारी बिना वेतन के छुट्टी पर भेजे जाते हैं

  • फेडरल संस्थानों की कार्यप्रणाली ठप हो जाती है

  • आवश्यक सेवाएं जैसे सेना, पुलिस, और स्वास्थ्य सेवाएं सीमित रूप से चालू रहती हैं


लाखों कर्मचारियों की नौकरियों पर खतरा, सैलरी नहीं मिलने का संकट

इस शटडाउन का सबसे बड़ा असर करीब 9 लाख संघीय कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जिन्हें काम पर तो बुलाया जाएगा लेकिन उन्हें सैलरी नहीं दी जाएगी।
कई कर्मचारियों को अनिवार्य अवकाश (Furlough) पर भेजा जा सकता है, जिससे उनके जीवनयापन पर सीधा असर पड़ेगा।


अमेरिकी अर्थव्यवस्था को हर दिन 1 बिलियन डॉलर का नुकसान

पिछले अनुभवों के आधार पर विशेषज्ञों का मानना है कि शटडाउन हर दिन लगभग 1 अरब डॉलर (1 Billion USD) की आर्थिक क्षति पहुंचा सकता है। इससे:

  • उपभोक्ता खर्च में गिरावट

  • सरकारी सेवाओं में देरी

  • निवेशकों का विश्वास कमजोर

  • अंतरराष्ट्रीय छवि पर प्रभाव

जैसे कई गंभीर नतीजे सामने आ सकते हैं।


इस संकट से कैसे निकलेगा अमेरिका?

शटडाउन को समाप्त करने का एकमात्र तरीका है – यूएस कांग्रेस द्वारा नया फंडिंग बिल पारित करना। इसके लिए:

  • रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच समझौता जरूरी है

  • आवश्यक सेवाओं के लिए अस्थायी बजट पारित किया जा सकता है

  • राष्ट्रपति स्तर पर मध्यस्थता की जरूरत पड़ सकती है

बहरहाल, जब तक यह राजनीतिक गतिरोध नहीं सुलझता, तब तक अमेरिका का प्रशासनिक ढांचा बुरी तरह प्रभावित रहेगा।


निष्कर्ष: ट्रंप को राजनीतिक झटका, आम नागरिक भुगत रहे हैं परिणाम

यह शटडाउन केवल एक आर्थिक संकट नहीं, बल्कि राजनीतिक अस्थिरता और नेतृत्व में विफलता का प्रतीक बन चुका है। डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और रणनीति को न केवल संसदीय समर्थन नहीं मिला, बल्कि इससे आम अमेरिकी नागरिकों की जिंदगी भी प्रभावित हो रही है।


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editor October 1, 2025
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