रिलायंस की 48वीं AGM: जियो IPO का ऐलान, गूगल-मेटा के साथ AI साझेदारी, RIYA असिस्टेंट लॉन्च
देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 48वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) शुक्रवार को आयोजित की गई। इस बैठक में चेयरमैन मुकेश अंबानी, उनके बेटे आकाश अंबानी और अनंत अंबानी ने समूह के भविष्य की दिशा, विस्तार योजनाओं और तकनीकी निवेशों को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं।
इस एजीएम में न केवल रिलायंस जियो के IPO की बहुप्रतीक्षित घोषणा हुई, बल्कि AI के क्षेत्र में मेटा और गूगल जैसी वैश्विक टेक दिग्गजों के साथ रणनीतिक साझेदारियों का भी ऐलान किया गया।
2026 में आ सकता है जियो का IPO
मुकेश अंबानी ने बैठक में जानकारी दी कि रिलायंस जियो को वर्ष 2026 की पहली छमाही में शेयर बाजार में लिस्ट करने की योजना है। उन्होंने कहा कि यह लिस्टिंग जियो के लिए नया अध्याय खोलेगी और निवेशकों को नए अवसर प्रदान करेगी।
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वर्कफोर्स बढ़ाकर 10 लाख करने का लक्ष्य
अंबानी ने बताया कि रिलायंस की पारंपरिक और गैर-पारंपरिक वर्कफोर्स मिलकर अब 6.8 लाख से अधिक हो चुकी है। उनका लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में इसे 10 लाख कर्मचारियों तक पहुंचाने का है।
AI के क्षेत्र में गूगल और मेटा के साथ बड़ी साझेदारी
AGM में अंबानी ने ऐलान किया कि रिलायंस ने गूगल के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए भागीदारी की है। इसके साथ ही मेटा के साथ एक नया इंडिया-फोकस्ड AI जॉइंट वेंचर शुरू करने की भी योजना है, जिसका उद्देश्य भारत के डिजिटल भविष्य को सशक्त बनाना है।
‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ नाम से नई सब्सिडियरी का गठन
मुकेश अंबानी ने AGM के दौरान एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ की भी घोषणा की। यह इकाई विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और स्मार्ट टेक्नोलॉजी पर केंद्रित होगी।
आकाश अंबानी ने RIYA असिस्टेंट किया लॉन्च
आकाश अंबानी ने AGM में RIYA नामक वॉइस एनेबल्ड सर्च असिस्टेंट पेश की, जो यूजर्स को बिना टाइप किए वॉइस कमांड के जरिए कंटेंट खोजने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि “अब आपको टाइप करने या स्क्रॉल करने की ज़रूरत नहीं है, बस RIYA से पूछें।”
जियो AI क्लाउड का अगला चरण भी हुआ लॉन्च
जियो प्लेटफॉर्म्स के CEO किरण थॉमस ने AGM में बताया कि जियो एआई क्लाउड की नई पीढ़ी को भी लॉन्च किया गया है, जो केवल स्टोरेज नहीं बल्कि एक AI-पावर्ड मैमोरी कंपेनियन के रूप में काम करेगी। इसका उद्देश्य भारतीय उपभोक्ताओं को अधिक स्मार्ट, तेज और निजी अनुभव प्रदान करना है।
निष्कर्ष:
रिलायंस की इस एजीएम ने एक बार फिर साबित किया कि कंपनी सिर्फ ऊर्जा और टेलीकॉम तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक, एआई और डिजिटल इनोवेशन में भी उसकी योजनाएं वैश्विक स्तर पर बड़ी हैं। जियो IPO और AI पार्टनरशिप से जुड़ी घोषणाएं निवेशकों और टेक इंडस्ट्री दोनों के लिए अहम मानी जा रही हैं।