Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Reading: सुप्रीम कोर्ट: दिव्यांगों का मजाक उड़ाने पर यूट्यूबर्स को माफी और हलफनामा जरूरी
Share
Aa
Aa
Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Search
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Follow US
Khabar21 > Blog > बीकानेर > सुप्रीम कोर्ट: दिव्यांगों का मजाक उड़ाने पर यूट्यूबर्स को माफी और हलफनामा जरूरी
बीकानेर

सुप्रीम कोर्ट: दिव्यांगों का मजाक उड़ाने पर यूट्यूबर्स को माफी और हलफनामा जरूरी

editor
editor Published August 25, 2025
Last updated: 2025/08/25 at 2:45 PM
Share
SHARE
Chat on WhatsApp
Share News

SC का बड़ा फैसला: दिव्यांगों पर आपत्तिजनक कंटेंट बना तो होगी सख्त कार्रवाई, सरकार को गाइडलाइन बनाने का आदेश

नई दिल्ली।
सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ते ट्रेंड और कॉमेडी के नाम पर सीमाएं लांघते कंटेंट पर अब सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपना लिया है। स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना के एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि दिव्यांगजनों पर आपत्तिजनक या अपमानजनक टिप्पणी किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Contents
SC का बड़ा फैसला: दिव्यांगों पर आपत्तिजनक कंटेंट बना तो होगी सख्त कार्रवाई, सरकार को गाइडलाइन बनाने का आदेशसुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणियां:समय रैना के खिलाफ क्या हैं आरोप?इन्फ्लुएंसर्स को अब क्या करना होगा?सुप्रीम कोर्ट का रुख क्यों मायने रखता है?निष्कर्ष:

सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणियां:

  1. दिव्यांगों का मजाक उड़ाने पर माफ़ी जरूरी:
    कोर्ट ने समय रैना सहित अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को अपने पॉडकास्ट और वीडियोज में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का आदेश दिया है।

  2. जुर्माना और कानूनी कार्रवाई:
    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में आर्थिक दंड और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, चाहे संबंधित व्यक्ति कितना ही बड़ा यूट्यूबर या इन्फ्लुएंसर क्यों न हो।

  3. सरकार को गाइडलाइन तैयार करने का निर्देश:
    सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह सोशल मीडिया पर महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों पर आपत्तिजनक कंटेंट को रोकने के लिए विस्तृत और प्रभावी दिशा-निर्देश बनाए।

    - Advertisement -
  4. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाएं तय:
    कोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं कि आप किसी की गरिमा और संवेदनशीलता को ठेस पहुंचाएं, विशेष रूप से तब, जब कंटेंट से व्यावसायिक लाभ लिया जा रहा हो।


समय रैना के खिलाफ क्या हैं आरोप?

  • रीढ़ की बीमारी ‘स्पाइनल मस्क्युलर एट्रोफी’ से ग्रसित लोगों पर की गई असंवेदनशील टिप्पणी।

  • नेत्रहीन और दृष्टिबाधित व्यक्तियों का उपहास उड़ाने वाले वीडियो बनाए गए।

  • एक फाउंडेशन द्वारा शिकायत दाखिल की गई कि यह एक बढ़ती प्रवृत्ति बन रही है, जो दिव्यांगजनों के अधिकारों और गरिमा का उल्लंघन है।


इन्फ्लुएंसर्स को अब क्या करना होगा?

  • सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी।

  • हलफनामा दाखिल कर बताना होगा कि वे कैसे अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल दिव्यांगजनों के अधिकारों के प्रचार और जागरूकता में करेंगे।

  • कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर दिए गए निर्देशों का पालन किया गया, तो उन्हें हर सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी।


सुप्रीम कोर्ट का रुख क्यों मायने रखता है?

  • डिजिटल मीडिया की पहुंच और प्रभाव तेजी से बढ़ा है, लेकिन संवेदनशील मुद्दों पर जिम्मेदारी का स्तर बेहद निम्न रह गया है।

  • कोर्ट की टिप्पणी एक नैतिक चेतावनी और विधिक बाध्यता दोनों है कि अब सोशल मीडिया कंटेंट निर्माता संवैधानिक मर्यादाओं के दायरे में रहकर काम करें।


निष्कर्ष:

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारत में डिजिटल कंटेंट की सीमाओं और ज़िम्मेदारियों को फिर से परिभाषित करता है। यह स्पष्ट संदेश है कि कमाई और पॉपुलैरिटी के चक्कर में किसी भी वर्ग विशेष – विशेष रूप से दिव्यांगजनों – की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले समय में, यह फैसला सोशल मीडिया गवर्नेंस के लिए एक नज़ीर बन सकता है।


Share News
Chat on WhatsApp

editor August 25, 2025
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print

Latest Post

31 मार्च तक सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त, मुख्य सचिव के आदेश
जयपुर
कमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई को लेकर बड़ा फैसला, उपभोक्ताओं को मिलेगी आंशिक राहत
जयपुर
बीकानेर एसपी ऑफिस के बाहर युवक ने किया आत्मदाह का प्रयास, हालत गंभीर
बीकानेर
बीकानेर में शनिवार को कई इलाकों में बिजली कटौती, अलग-अलग समय रहेगा शटडाउन
बीकानेर
बीकानेर में घरेलू गैस सिलेंडर के दुरुपयोग पर कार्रवाई, मिष्ठान भंडार से सिलेंडर जब्त
बीकानेर
पीबीएम में सात घंटे इलाज को भटका युवक, मौत पर परिजनों का प्रदर्शन
बीकानेर
गैस सिलेंडर किल्लत पर कांग्रेस का प्रदर्शन, पीएम मोदी का पुतला दहन
बीकानेर
मजदूरी कर लौट रहे व्यक्ति की टैक्सी की टक्कर से मौत
बीकानेर

You Might Also Like

बीकानेर

बीकानेर एसपी ऑफिस के बाहर युवक ने किया आत्मदाह का प्रयास, हालत गंभीर

Published March 13, 2026
बीकानेर

बीकानेर में शनिवार को कई इलाकों में बिजली कटौती, अलग-अलग समय रहेगा शटडाउन

Published March 13, 2026
बीकानेर

बीकानेर में घरेलू गैस सिलेंडर के दुरुपयोग पर कार्रवाई, मिष्ठान भंडार से सिलेंडर जब्त

Published March 13, 2026
बीकानेर

पीबीएम में सात घंटे इलाज को भटका युवक, मौत पर परिजनों का प्रदर्शन

Published March 13, 2026
Khabar21
Follow US

© Copyright 2022, All Rights Reserved Khabar21 | Designed by Uddan Promotions Pvt. Ltd.

  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
1520138487750

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?