भारत में कुछ भी कभी भी वायरल हो सकता है। इस डिजिटल दुनिया में आज भी लोग लिखे हुए को सत्य मानते हैं, जबकि इंटरनेट की इस दुनिया में प्रत्येक लिखी हुई चीजे सत्य नहीं हो सकती है। सुपरफास्ट इंटरनेट के दौर में जंगल की आग की तरह कोई भी चीज वायरल हो जा रही है।
कुछ दिन पहले एक पेपर की कटिंग वायरल हो रही थी जिसमें दावा किया गया था कि यदि आप लोकसभा चुनाव में वोट नहीं डालेंगे तो आपके बैंक अकाउंट से 350 रुपये कट जाएंगे और यदि अकाउंट में पैसे नहीं होंगे तो मोबाइल रिचार्ज से पैसे कट जाएंगे, हालांकि यह दावा पूरी तरह से फर्जी था। अब एक नया दावा वायरल हो रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने देश के सभी बैंक को निर्देश देकर कहा है कि पासबुक के आखिरी पन्ने पर गीता-सार प्रिंट किया जाए। आइए जानते हैं इसकी सच्चाई…
दावे में क्या है?
फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप में एक अखबार की कटिंग वायरल हो रही है। कटिंग में लिखा है ‘आर.बी.आई. का सभी बैंकों को निर्देश ! पासबुक के आखिरी पन्ने पर प्रिंट करवाएं गीता-सार। तुम क्या ले के आए थे, क्या ले के जाओगे। क्यों रोते हो, तुम्हारा क्या था जो खो गया। जो लिया यहीं से लिया, जो दिया यहीं दिया। जो आज तुम्हारा है, कल किसी और का था। परसों किसी और का हो जाएगा।’
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क्या है दावे की सच्चाई?
आपको बता दें कि यह दावा पूरी तरह से फर्जी है। आरबीआई ने इस तरह का कोई निर्देश नहीं दिया है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो की फैक्ट चेक टीम ने भी इस मैसेज को फर्जी बताया है और इस संबंध में एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट भी किया है। यदि आपके पास भी यह मैसेज पहुंचा है तो आगे किसी को फॉरवर्ड ना करें और लोगों को सच्चाई बताएं।

