खबर21 मोहम्मद मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही भारत और मालदीव के संबंधों में खासी कड़वाहट देखने को मिली. इस बीच विदेश मंत्री जयशंकर ने मालदीव को अपने चिर परिचित अंदाज में जवाब दिया है. उन्होंने मुइज्जू के ‘बिग बुली’ के बयान पर कहा कि जब पड़ोसी देश मुश्किल में होते हैं तो दबंगई करने वाले (Big Bullies) 4.5 अरब डॉलर की मदद नहीं देते.
जयशंकर का ये बयान मुइज्जू के उस बयान को लेकर आया है, जो उन्होंने इस साल जनवरी में दिया था. मुइज्जू ने कहा था कि हम भले ही छोटा देश हो सकते हैं लेकिन इससे किसी को भी हमें बुली करने का लाइसेंस नहीं मिलता.
जयशंकर ने एक कार्यक्रम में अपनी किताब ‘व्हाइ भारत मैटर्स’ पर बात करते हुए संकट में फंसे पड़ोसी मुल्कों की मदद करने में भारत की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया. इस दौरान जब जयशंकर से पूछा गया कि क्या भारतीय उपमहाद्वीप में भारत को ‘बुली’ के तौर पर देखा जाता है.
इस पर जयशंकर ने कहा कि जब आप भारत को बुली के तौर पर देखते हैं तो आपको समझ लेना चाहिए कि ‘बिग बुलीज’ संकट में फंसे अपने पड़ोसी मुल्कों को 4.5 अरब डॉलर की मदद नहीं देते. ‘बिग बुलीज’ कोरोना के समय अन्य देशों में वैक्सीन की सप्लाई नहीं करते. युद्ध या संकट में फंसे देशों की खाद्य या उर्वरक जरूरतों को पूरा नहीं करते.
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उन्होंने कहा कि आपको आज देखना होगा कि भारत और उसके पड़ोसी देशों के बीच क्या बदला है. यकीनन बांग्लादेश और नेपाल के साथ व्यापारिक संबंध सुधरे हैं. वहां सड़कें हैं, जो एक दशक पहले नहीं थी. वहां रेलवे हैं, जहां क दशक पहले नहीं थे. नेपाल, श्रीलंका, भूटान और बांग्लादेश के साथ निवेश और व्यापार बीते कुछ सालों में बढ़ा है. मालदीव भी इसमें शामिल है.

