बीकानेर। राजस्थान में राशन की दुकानों (उचित मूल्य की दुकानों) पर राशन डीलर अब किसी तरह से तौल में गड़बड़ी नहीं कर सकेंगे। इसको लेकर राशन की दुकानों पर वितरित किए जाने वाले राशन के लिए पॉस मशीनों को ई-तराजू से लिंक करने की कवायद शुरू कर दी गई है। सिरोही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश राशन की दुकानों पर यह ई-तराजू पहुंच चुके हैं। जबकि शहरी क्षेत्र में अभी तक सप्लाई की जा रही है। जल्द ही जिले की सभी दुकानों पर इनकी सप्लाई हो जाएगी। पॉस मशीनों से ई-तराजू को लिंक करने के बाद राशन उपभोक्ता के अंगूठा लगाते ही राशन कार्ड की यूनिट संख्या स्कैन होगी। उसी के आधार पर राशन का तौल होगा।
छेड़छाड़ की तो पकड़े जाएंगे
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक खास बात यह है कि इस तकनीक में एक कार्ड के तौल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही दूसरा कार्ड सक्रिय होगा। डीलर इस तकनीक में छेड़छाड़ का प्रयास करेंगे तो वे तुरन्त पकड़ में आ जाएंगे। ऐसे में इससे पारदर्शिता आएगी।
राजस्थान में कई जगह इस तरह होती है कालाबाजारी
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राशन डीलर पॉस मशीन से राशन तौलने पर कई बार गड़बड़ी करते हैं। वे पॉस मशीन पर उपभोक्ता के अंगूठे को स्कैन करने के बाद कई बार उनको अगली तारीख दे देते हैं। कई बार तय तिथि पर दुकान भी नहीं खोलते हैं। यदि खोलते हैं तो उपभोक्ता को कोई न कोई समस्या बताकर निर्धारित तौल से कम राशन तौल कर दे देते हैं। कई राशन डीलर इलेक्ट्रॉनिक तराजू की रीडिंग को भी सेट करवा लेते हैं। इस तरह की गड़बड़ी की शिकायत होने पर राशन डीलर ऐसा करना बंद कर देते हैं, लेकिन कुछ समय बाद फिर से शुरू हो जाते हैं। इसे रोकने के लिए अब नई व्यवस्था की जा रही

