बीकानेर। प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही अब सरकारी स्कूलों को संचालित करने वाली विद्यालय विकास एवं प्रबंध समिति के सदस्य भी बदल जाएंगे। शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर सभी सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल को निर्देश दिए हैं कि नए विधायक की सिफारिश के आधार पर दो सदस्यों का मनोनयन किया जाए। ऐसे में कांग्रेस राज में मनोनीत सदस्यों की अब छुट्टी हो गई है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक आशीष मोदी ने एक आदेश जारी कर विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति में स्थानीय विधायक के मनोनयन के आधार पर दो सदस्य बनाने के निर्देश दिए हैं। पूर्व में कांग्रेस सरकार के विधायकों के मनोनीत सदस्य इन कमेटियों में थे। इन कमेटियों में पूर्व सदस्यों में बदलाव के निर्देश नहीं है। सिर्फ विधायक के मनोनीत सदस्य ही बदलने के निर्देश दिए गए हैं। इस कमेटी के अन्य सदस्य फिलहाल नहीं बदले जाएंगे।
क्या काम करती है कमेटी
दरअसल, सरकारी स्कूल में किसी भी तरह की खरीद, बिक्री, आयोजन सहित अन्य बड़े कार्यों के लिए SDMC से अनुमोदन लेना पड़ता है। इस कमेटी की आपत्ति के बाद किसी भी स्थिति में काम आगे नहीं हो सकता। ऐसे में विधायक के प्रतिनिधियों की मुख्य भूमिका रहती है। कमेटी में इन दो सदस्यों के अलावा जिला शिक्षा अधिकारी के दो प्रतिनिधि भी होते हैं। साथ ही अभिभावकों और विद्यार्थियों में से भी सदस्यों का चयन होता है। एससी व एसटी के दो सदस्य भी होते हैं।

