बीकानेर। हर दस साल में केंद्र सरकार एक वेतन आयोग का गठन करती है। वर्ष 2014 में सातवां वेतन आयोग बनाया गया था और 2016 में लागू हुई थीं। अब लाखों कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग का इंतजार है। इस बारे में सरकार ने संसद में बड़ा अपडेट दिया है।
हर दस साल में केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन संरचना में बदलाव करने के लिए सरकार एक पे कमीशन का गठन करती है। केंद्रीय कर्मचारियों का वेतन कमीशन की सिफारिशों के आधार पर ही तय किया जाता है। 1946 से अब तक सात वेतन आयोग बनाए जा चुके हैं। सातवां वेतन आयोग 28 फरवरी, 2014 को गठित हुआ था। आयोग की सिफारिशों को साल 2016 में लागू किया गया था। अब लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग का बेसब्री से इंतजार है। कयास लगाये जा रहे थे कि चुनावी वर्ष मे उन्हें खुशखबरी मिल सकती है। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल उसके पास आठवां वेतन आयोग बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
डीए में बढ़ोतरी की हो सकती है घोषणा
कुछ महीने में लोक सभा चुनाव होने को है ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े संगठनों को उम्मीद थी कि 8वें पे कमीशन की गठन जल्द होगी। आंकड़ों की बात करें तो देश में इस समय करीब 48.62 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 67.85 लाख पेंशन भोगी हैं। 8वें वेतन आयोग का गठन तो नहीं हुआ लेकिन चुनाव से पहले कर्मचारियों को खुश करने के लिए सरकार जल्दी ही महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है। बता दें कि सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ते में इजाफा करती है। इसी तरह पेंशनर्स को महंगाई राहत मिलती है।

