जिला पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों के बाद थानाधिकारियों ने अपने अपने इलाको में बुलेंटो से फटाखें छोडक़रआमजन को परेशान करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर इनको पकडक़र इनको सीज करने व मोडिफाई साईलेंसरों को हटवाने के निर्देश दिये। जिसके तहत सभी थानाधिकारियों ने अपने अपने इलाको में कार्यवाही करते हुए कई बुलेंटों चालको की बाइकों को जब्त किया है। इस मामले की तह तक जाने पर जो जानकारी मिली है उसके अनुसार मोडिफाई साईलेंसरों की बुलेंटों को जब्त कर सीज कर दिया जाता है जिसको कोर्ट द्वारा छोडाया जाना है। लेकिन कुछ को पुलिस अपने स्तर पर सिर्फ चालान काटकर बुलेंट चालक को चेतावनी देकर छोड़ देते है। पुलिस की मर्जी के अनुसार ही चालान व सीज की जाती है। जब सिर्फ चालान ही काट कर छोड़ देते है तो फिर वो वहीं आगे जाकर फिर वो ही हरकत करता पर आता है। इससे आमजन को पुलिस का डर खत्म सा हो गया है। अगर बुलेंट को जब्त कर उसका साइलेंसर हटवाने की कार्यवाही हो तो तब तो बुलेंट का पकडना सार्थक है अन्यथा एक तरह का राजस्व एकत्रित करने का साधन बनकर रह जाता है। हम इस बारे में कोतवाली थानाधिकारी मोनिका से बात की तो उन्होंने बताया कि हम बुलेंट को पकडक़र उसका चालान काटकर उसमें लगा मोडिफाई साइलेंसर को हटवाने का काम करते है जिससे आमजन को परेशानी ना हो। वहीं सदर थाने में जब बात की वहां से जबाब बड़ा आश्चर्यचकित वाला मिला पुलिसकर्मी ने कहा हम तो बुलेंट को जब्त कर सीज कर देते है और कोर्ट का काम है उसका साइलेंसर हटवाना या नहीं। वहीं जयनारायण व्यास कॉलोनी थाने से मिली जानकारी के अनुसार फाटखे फोडने वाली बुलेंटों को पकडक़र इनका चालान काटकर इसमें लगे मोफिफाई साइलेंसरों को हटवा देते है। जिससे आगे फिर से आमजन को परेशान नहीं करें। तो क्या पुलिस के चालान काटने से मनचले मान जायेंगे।सुबह से लेकर शाम तक शहर की सडक़ों परबेधडक़ मनचले इस तरह से बुलेंटों से फटाखें फोडक़र आमजन को परेशान करते नजर आते है।

