बीकानेर। हाल के दिनों में चीन समर्थक राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के शासनकाल में मालदीव अपने पुराने मित्र भारत से अलग होता दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप की यात्रा पर मालदीव के कुछ नेताओं की ओर से पोस्ट की गई अपमानजनक टिप्पणियों के बाद हाल ही में हुए राजनयिक विवाद पर भारतीयों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।
विदेश मंत्रालय की अनुदान मांगों के मुताबिक भारत ने मालदीव को दी जाने वाली विकास सहायता इस साल के अंतरिम बजट में 50 प्रतिशत बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये से 600 करोड़ रुपये कर दी है। हालांकि भारत ने पिछले साल ₹400 करोड़ आवंटित किए थे, लेकिन संशोधित अनुमानो के अनुसार यह 770 करोड़ खर्च हो गया। इसका मतलब है कि इस साल मालदीव के लिए भारत की विकास सहायता पिछले साल की तुलना में 22 प्रतिशत कम है।
हाल के दिनों में चीन समर्थक राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के शासनकाल में मालदीव अपने पुराने मित्र भारत से अलग होता दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप की यात्रा पर मालदीव के कुछ नेताओं की ओर से पोस्ट की गई अपमानजनक टिप्पणियों के बाद हाल ही में हुए राजनयिक विवाद पर भारतीयों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। अपने चुनाव के बाद मुइज्जू की चीन यात्रा को इस संकेत के रूप में भी देखा गया कि वह भारत के साथ मालदीव के संबंधों में सुधार पर क्या सोचते हैं।
मालदीव के साथ विवाद के बाद से सरकार ने लक्षद्वीप को भारतीयों के लिए एक वैकल्पिक पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपने अंतरिम बजट 2024 भाषण कहा कि सरकार देश में पर्यटन क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश करेगी।
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उन्होंने कहा कि लक्षद्वीप में पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए सरकार पूरा ध्यान देगी। कई भारतीयों ने लक्षद्वीप को एक वैकल्पिक गंतव्य के रूप में देखना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, “घरेलू पर्यटन के लिए उभरते उत्साह को संबोधित करने के लिए, लक्षद्वीप सहित हमारे द्वीपों पर > बंदरगाह कनेक्टिविटी, पर्यटन बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के लिए परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इससे रोजगार सृजन में भी मदद मिलेगी।”

