बीकानेर। कांग्रेस सरकार में शुरू हुई समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) को लेकर संशय बना हुआ है। सीईटी का आयोजन पिछले साल फरवरी में किया गया था और इसकी वैधता अवधि एक साल तय की गई। ऐसे में मई 2024 में सीईटी की वैधता समाप्त हो जाएगी।
अब राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने संकेत दिए हैं कि अगली सीईटी जुलाई-अगस्त में कराई जाएगी। लेकिन भाजपा सरकार ने अभी सीईटी परीक्षा को लेकर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। वहीं, नई सरकार आने के बाद अभ्यर्थियों की ओर से सीईटी परीक्षा का विरोध किया जा रहा है। सीईटी में अंकों के आधार पर पदों के मुकाबले 15 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल किए जाने का प्रावधान लागू किया गया। अभ्यर्थी इस नियम का रहे हैं।
40 फीसदी अंकों का क्राइटेरिया करने की मांग
बोर्ड ने जब कनिष्ठ लेखाकार तहसील राजस्व लेखाकार भर्ती में मुख्य परीक्षा के लिए चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी की तो इसमें सामान्य वर्ग को बड़ा नुकसान हुआ। इसके बाद से ही सीईटी खत्म करने की मांग की जा रही है। अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि या तो सीईटी को खत्म किया जाए या इसमें 40 फीसदी अंकों का क्राइटेरिया लागू किया जाए। अभ्यर्थियों की ओर से धरने-प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

