

अजमेर।अजमेर में नाबालिग से रेप के मामले में पोक्सो कोर्ट ने जिंदगी भर जेल में रहने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सजा सुनाते हुए कहा- दोषी को शेष प्राकृतिक जीवन जीने तक जेल में रहना होगा। साथ ही 58 हजार का अर्थ दंड सुनाया है। कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा- आरोपी की ओर से किए गए घृणित कृत्य को देखते हुए उसके प्रति नरमी का रुख नहीं अपनाया जा सकता।घटना तीन साल पहले केकड़ी थाना क्षेत्र में हुई थी। पीड़िता के पिता ने 27 अप्रैल 2020 को केकड़ी थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि वह खेती बाड़ी का काम करता है। रात को साढे़ तीन बजे करीब पत्नी उठी तो देखा कि नाबालिग बच्ची नहीं है। इस पर उसे तलाश किया। नहीं मिली तो ससुर को बताया। ससुर मोटरसाइकिल लेकर खेत पर गए तो बच्ची चिल्लाती हुई मिली।बेटी ने बताया- एक आदमी उसे सोते हुए उठाकर ले गया। उसके साथ गलत काम किया। बाद में उसे केकड़ी अस्पताल लेकर गए, जहां उसे भर्ती कराया। पीड़िता के शरीर पर चोट के निशान थे। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश की।डीएनए रिपोर्ट से हुई थी रेप की पुष्टि विशिष्ट लोक अभियोजक रूपेन्द्र परिहार ने बताया- मामले में पुलिस ने जयपुर रोड केकड़ी के रहने वाले सावरलाल माली पुत्र रामलाल माली (28) को गिरफ्तार किया था। कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई। पीड़िता आरोपी को पहचान नहीं पाई। आरोपी के अपराध व डीएनए रिपोर्ट में पीड़िता से रेप की पुष्टि हुई। मामले में 19 गवाह व 50 दस्तावेज पेश किए।गम्भीर प्रकृति का अपराध जज बी.एल. जाट ने अपने फैसले में कहा- आरोपी की ओर से किए गए घृणित कृत्य को देखते हुए उसके प्रति नरमी का रुख नहीं अपनाया जा सकता। जो एक गम्भीर प्रकृति का अपराध है। इसके लिए उसे विभिन्न धाराओं में अलग अलग सजा सुनाते हुए आजीवन कारावास-प्राकृतिक जीवन जीने तक व 58 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
