

उदयपुर। पुलिस द्वारा “महिला सुरक्षा” के तमाम दावों की पोल एक वीडियो ने खोलकर रख दी। दरअसल, एक युवती के साथ अभद्र हरकत का वीडियो सामने आने के बाद एसपी विकास शर्मा ने दो कान्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया।
गोगुंदा थाने में युवक की हिरासत में मौत के बाद उदयपुर पुलिस फिर चर्चा में है। अब लसाड़िया थाने के कॉन्स्टेबल सुरेंद्रसिंह जाट और गोगुंदा थाने के जवान लोकेश कुमार लांबा को निलंबित किया गया। एसपी विकास शर्मा के आदेश में इस बात का हवाला नहीं है कि इन्हें क्यों निलंबित किया है। आदेश में दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अपेक्षित बताई है। दूसरी ओर, इसके पीछे एक वीडियो को कारण बताया जा रहा है।इस वीडियो में ये दोनों कॉन्स्टेबल एक महिला के साथ दिख रहे हैं। इनमें उनका वकील दोस्त भी है। तीनों नशे में दिख रहे हैं। युवती के साथ अश्लील हरकतें करने के अलावा अश्लील बातें भी कर रहे हैं। इनका वकील साथी युवती की गोद में सिर रखकर लेटा है। उधर, इस मामले में जवान लोकेश का कहना है- युवती से उनका बहन का रिश्ता है। हालांकि, बंद कमरे में तीन लोगों के होने, उससे अश्लील हरकतें करने, और अभद्र भाषा के मामले में चुप्पी साध ली। उन्होंने ये भी कहा कि सस्पेंशन का कारण भी पता नहीं है।वीडियो में दोनों कॉन्स्टेबल के साथ एक वकील साथी भी है।दोनों के खिलाफ पहले भी मिलती रही हैं शिकायतें, एसपी ने किया था तबादला जवान सुरेंद्र इससे पहले भूपालपुरा थाने में तैनात था। यहां भी एक युवती ने उसकी नीयत पर शक सवाल उठाते हुए एसपी से शिकायत की थी। उस समय भी एसपी ने आनन-फानन में 16 दिसंबर 2022 को आदेश जारी कर उसे लसाड़िया थाने में लगाया था। फिलहाल इस मामले की भी जांच चल रही है। आरोप है कि सुरेंद्र ने यह वारदात जी-20 की पहली बैठक के दौरान की थी।वहीं, लोकेश लांबा अब तक डीएसटी में था। जहां किसी अपहरण के मामले में उसकी लिप्तता की शिकायत हुई थी। एसपी ने कुछ दिन पहले उसे लाइन हाजिर किया था। इसके बाद गोगुंदा थाने के पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर करने की घटना के बाद मौका देखते हुए लांबा ने खुद को वहां पोस्टेड करा लिया था।5 दिन पहले सीआई सहित 6 पुलिसकर्मी हुए थे सस्पेंड, 19 लाइन हाजिर5 दिन पहले ही गोगुंदा थाने में युवक की मौत के बाद गोगुंदा सीआई सहित 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए थे। साथ ही 19 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। 5 दिन के बाद ही एसपी ने यह दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मी को सस्पेंड किया है। ऐसे में पुलिस के ध्येय वाक्य आमजन में विश्वास-अपराधियों में खौफ के साथ महिला सुरक्षा के प्रति उनकी जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
