

बीकानेर। पंडितों और विशेषज्ञों के मुताबिक इस साल होलिका दहन के लिए सिर्फ 12 मिनट का शुभ मुहूर्त है. होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त 6 मार्च 2023 को शाम 6.26 बजे से लेकर 6.38 बजे तक है। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक प्रदोष व्यापिनी भद्रा रहित पूर्णिमा में होलिका दहन होता है। पूर्णिमा सोमवार शाम 4.18 से शुरू होकर मंगलवार शाम 6.10 बजे तक रहने से प्रदोष व्यापिनी फाल्गुनी पूर्णिमा सोमवार को संपूर्ण भारत में विद्यमान रहेगी। जबकि पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में पूर्णिमा 2 दिन प्रदोष व्यापिनी रहेगी। सोमवार को ही शाम 4.18 बजे से भद्रा शुरू होने से जो अगले दिन सूर्योदय पूर्व सुबह 5.14 बजे तक रहेगी।
शास्त्रों के अनुसार प्रहलाद भगवान विष्णु के परम भक्त थे। जिससे प्रहलाद के पिता राक्षस हिरण्यकश्यप बहुत नाराज रहते हैं थे और वह भगवान विष्णु को अपना दुश्मन मानते थे। लेकिन प्रहलाद भगवान विष्णु की भक्ति में लीन रहते हैं। एक दिन इस बात से नाराज होकर हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन को आज्ञा दी। कि वह प्रहलाद को गोद में बिठाकर अग्नि में बैठ जाएं। जिससे प्रहलाद जलकर मर जाए। असुर की बहन होलिका को वरदान प्राप्त था कि वो आग में जल नहीं सकती है, लेकिन जब होलिका प्रहलाद को लेकर अन्नि मे बैठी तो प्रहलाद तो बच गए और होलिका जल गई। जब से ही होलिका जलाने का प्रावधान शुरू हुआ। वहीं होली के दिन बजरंगबली और भगवान शिव की पूजा- अर्चना करने का विशेष, महत्व है। मान्यता है जो भी व्यक्ति होली वाले दिन हनुमान जी और भोलेनाथ की विशेष पूजा करता है, उसके जीवन में सभी कष्टों का नाश होता है।
