Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Reading: राइट टू हेल्थ बिल का विरोध तेज राजस्थान में निजी अस्पतालों में चिरंजीवी बीमा सहित सभी सरकारी योजनाओं का बहिष्कार
Share
Aa
Aa
Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Search
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Follow US
Khabar21 > Blog > Jaipur > राइट टू हेल्थ बिल का विरोध तेज राजस्थान में निजी अस्पतालों में चिरंजीवी बीमा सहित सभी सरकारी योजनाओं का बहिष्कार
Jaipurराजस्थान

राइट टू हेल्थ बिल का विरोध तेज राजस्थान में निजी अस्पतालों में चिरंजीवी बीमा सहित सभी सरकारी योजनाओं का बहिष्कार

editor
editor Published February 11, 2023
Last updated: 2023/02/11 at 4:56 PM
Share
SHARE
Chat on WhatsApp
Share News

जयपुर। राइट टू हेल्थ बिल का विरोध बढ़ता जा रहा है। जॉइंट एक्शन कमेटी ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश के सभी निजी अस्पतालों में सभी सरकारी योजनाओं के बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है। सरकार की प्रवर समिति की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है। पीएचएनएस के सचिव डॉ विजय कपूर ने कहा कि सरकार की मंशा राइट टू हेल्थ बिल को लाने की है। हमसे सिर्फ सुझाव मांगे जा रहें है। ऐसे में यह निर्णय लिया गया है कि हम इस बिल को किसी सूरत में बर्दास्त नहीं करेंगे। जब तक इस बिल को वापस नहीं लिया जाता है तब तक हम निजी अस्पतालों में सरकार की सभी योजनाओं का बहिष्कार करेंगे। सरकार की मुख्यमंत्री चिरंजीवी बीमा योजना, आरजीएचएस व अन्य सभी योजनाओं का निजी अस्पतालों में अब लाभ नहीं दिया जाएगा।
डेढ़ साल के बच्चे को लेपर्ड ने बनाया शिकार, हुई मौत
इससे पहले शनिवार सुबह जेएमए में बिल के विरोध में सभी डॉक्टर्स एकत्रित हुए। जहां से डॉक्टर्स ने सरकार के खिलाफ रैली निकाली। यह रैली एसएमएस मेडिकल कॉलेज से त्रिमुर्ति सर्किल तक निकाली गई।
आज प्रदेशभर में बंद निजी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज…
राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में शनिवार को प्रदेशभर में निजी अस्पताल बंद है। साथ ही सभी प्राइवेट मेडिकल कॉलेज, सभी डायग्नोसिस सेंटर व मेडिकल सेंटर बंद है। बंद को अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ, मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन व फार्मासिस्ट एसोसिएशन की तरफ से समर्थन दिया गया है।
बिल में जताई जा रहीं यह आपत्तियां…
1. जब संविधान में पहले ही स्वास्थ्य का अधिकार दिया गया है, तो किसी भी नए बिल की आवश्यकता ही क्या है।
2. हेल्थ के मायने मात्र बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार स्वास्थ्य के मायने बहुत विस्तृत हैं, जिसमें सामाजिक ,आर्थिक,भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ होना है। तो सरकार पहले स्वच्छ हवा, पानी, बिना मिलावट के खाद्य पदार्थ, रोजगार उपलब्ध करवाए, वरना यह बिल केवल आम जन को गुमराह करने का एक तरीका भर है।
3. सभी निजी अस्पतालों को आपातकालीन अवस्था में आये मरीज़ का इलाज निशुल्क करना होगा। चाहे आपातकाल की सुविधा उस चिकित्सालय में हो या न हो, यह आपातकालीन (इमरजेंसी) की बिल में कोई व्याख्या, परिभाषा नहीं।
4. राज्य के सभी नागरिकों को सभी सरकारी- गैर सरकारी चिकित्सा संस्थानों में निशुल्क जांच और इलाज का अधिकार देना सिर्फ एक चुनावी शिगूफा है। पहले ही 50 से ज्यादा राष्ट्रीय कार्यक्रम और चिरंजीवी बीमा जैसी योजनाएं सही प्लानिंग के अभाव में आमजन को कोई लाभ नहीं दे रहीं, उस पर इस बिल के प्रावधान चिकित्सकीय काम को कानूनी शिकंजे में कसकर जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ की योजना भर है।
5. जिला और राज्य स्तरीय कमेटी में जन प्रतिनिधियों के हाथों प्रताडऩा की प्रबल सम्भावना है।नइससे इंस्पेक्टर राज ही बढ़ेगा और इलाज करने के बजाय चिकित्सक को अपनी सुरक्षा की फिक्र अधिक रहेगी।
6. जिला और राज्य स्तरीय कमेटी की ओर से किए गए निर्णय के खिलाफ देश की किसी भी अदालत में अपील का अधिकार नहीं, तो क्या चिकित्सकों को न्याय पाने का अधिकार भी नहीं है क्या?
7. भविष्य में सभी चिकित्सा संस्थानों की सेवाओं की गुणवत्ता की ऑडिट का प्रावधान है। क्या ऐसे प्रावधान लगाकर किसी अन्य सेवा जैसे- शिक्षा, बिजली ,पानी पर भी इसी प्रकार की ऑडिट की जाती है ? हर चिकित्सक हर मरीज के लिए अपनी श्रेष्ठ सेवाएं देता है, लेकिन स्वास्थ्य के नाम पर जनता की भावनाओं को भडक़ाने वाले ऐसे प्रावधान चिकित्सकों को कतई स्वीकार नहीं है।
8. बिल में निजी चिकित्सा संस्थानों की सेवाओं का मूल्य निर्धारित किए जाने का प्रावधान, जो कि अकल्पनीय रूप से इतने कम आंके जाते हैं कि एक निजी चिकित्सा संस्थान को चलाना ही मुश्किल होगा।
9. सरकार राइट टू हेल्थ बिल के माध्यम से एक ओर निजी अस्पतालों का पूरी तरह सरकारीकरण करना चाहती है, तो दूसरी ओर सभी चिकित्सकों- चाहे सरकारी हों या निजी, उन्हें बेवजह कानूनी शिकंजे में फंसा कर उनके नैसर्गिक और संवैधानिक अधिकारों का हनन करने की तैयारी कर रही है।


Share News
Chat on WhatsApp

editor February 11, 2023
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print

Latest Post

श्रीडूंगरगढ़ में दो सड़क हादसे, भिड़ंत के बाद वाहन पलटे
बीकानेर
बंद मकान में सेंधमारी, एलईडी व चांदी के जेवर सहित नकदी चोरी
बीकानेर
शनिवार को पूरे दिन खुलेंगे बीकेईएसएल के कैश काउंटर
बीकानेर
व्यासों की पारंपरिक गेर निकली, टका लेने की सदियों पुरानी रस्म निभाई
बीकानेर
युवक को रास्ते में रोककर मारपीट, गाड़ी की चाबी छीनी; आठ नामजद
बीकानेर
राजस्थान में फरवरी में ही चढ़ा गर्मी का पारा, आगे और बढ़ेगा तापमान
राजस्थान
फॉरेस्ट ऑफिसर से मारपीट, वर्दी फाड़ने और गाड़ी चढ़ाने का प्रयास
बीकानेर
बीकानेर में फुटपाथ पर युवक का शव मिला, पुलिस जांच में जुटी
बीकानेर

You Might Also Like

राजस्थान

राजस्थान में फरवरी में ही चढ़ा गर्मी का पारा, आगे और बढ़ेगा तापमान

Published February 27, 2026
राजस्थान

पंचायत चुनाव हेतु अंतिम मतदाता सूची जारी, 4.02 करोड़ वोटर्स करेंगे मतदान

Published February 26, 2026
राजस्थान

राजस्थान में बढ़ेगी गर्मी, अगले सप्ताह तापमान में 2-4 डिग्री उछाल

Published February 26, 2026
राजस्थान

बिग ब्रेकिंग: 21 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, बीकानेर को मिला नया आईजी

Published February 24, 2026
Khabar21
Follow US

© Copyright 2022, All Rights Reserved Khabar21 | Designed by Uddan Promotions Pvt. Ltd.

  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
1520138487750

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?