बीकानेर स्थित अपनाघर आश्रम ने एक बार फिर बिछड़े परिवार को मिलाकर मानवता की मिसाल पेश की है। आश्रम, दीन-हीन, लावारिस और जरूरतमंद लोगों की सेवा के साथ-साथ उन्हें उनके परिजनों से मिलाने का कार्य करता है।
आश्रम के सचिव जुगल राठी ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान 98 जरूरतमंदों को आश्रम में लाकर उपचार दिया गया, जबकि 40 लोगों को उनके परिवार से मिलाया गया। इसी क्रम में संतोष नामक व्यक्ति, जो करीब तीन महीने पहले लावारिस हालत में मिला था, को आश्रम में भर्ती किया गया। उसके पैर में फ्रैक्चर था, जिसका इलाज कराया गया।
स्वस्थ होने के बाद संतोष ने अपने घर का पता बताया। जांच करने पर पता चला कि वह पिछले छह महीनों से लापता था। वह मुंगेर जिला का रहने वाला है और घर से बाजार जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौट पाया।
जब परिवार को उसकी जानकारी दी गई, तो उनके आंसू छलक पड़े। 6 अप्रैल 2026 को संतोष का बड़ा भाई बीकानेर पहुंचा और उसे सकुशल अपने साथ घर ले गया। इस भावुक मिलन के दौरान परिवार ने आश्रम और उसके संचालकों का आभार व्यक्त किया।
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इस अवसर पर आश्रम के कई सदस्य और सेवादार मौजूद रहे, जिन्होंने इस पुनर्मिलन को खास बना दिया।


