बीकानेर के बारह गुवाड़ चौक में रविवार को गणगौर पर्व के अवसर पर भक्ति और पारंपरिक उत्साह से ओत-प्रोत भजन संध्या का आयोजन किया गया। हर साल की तरह इस बार भी करांची ओझा परिवार ने धींगा गवर भजन संध्या को श्रद्धा और भव्यता के साथ आयोजित किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
आयोजक नवरत्न ओझा ने बताया कि यह आयोजन बीकानेर की समृद्ध लोक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे वर्षों से निरंतर निभाया जा रहा है। इस तरह के कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य भी करते हैं।
कार्यक्रम में शहर की विभिन्न भजन मंडलियों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक लोकगीतों और माँ गवरजा के भजनों ने श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। ढोलक, हारमोनियम और मंजीरे की मधुर धुनों से पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।
श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भजनों का आनंद लिया और माँ गवरजा से सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। अंत में आयोजकों ने सभी कलाकारों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन एक बार फिर स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है।


