राजस्थान में बदलते मौसम का असर अब किसानों के लिए बड़ी चिंता का कारण बनता जा रहा है। खासकर Bikaner सहित कई जिलों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कटाई के समय हो रही इस बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
किसानों की बढ़ी मुश्किलें
ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। खेतों में तैयार खड़ी फसलें लगातार हो रही बारिश और ओलों की मार से खराब हो रही हैं। किसान जहां कटाई की तैयारी में जुटे थे, वहीं अचानक बदले मौसम ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया है। कई इलाकों में फसलें जमीन पर गिर गई हैं, जिससे नुकसान और बढ़ गया है।
मौसम में फिर बदलाव के संकेत
India Meteorological Department के अनुसार प्रदेश में मौसम फिलहाल थोड़ी राहत दे सकता है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है। 5 अप्रैल को मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहेगा, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ रहा है।
हालांकि, 6 अप्रैल से एक नया और मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिससे एक बार फिर तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
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किन जिलों में अलर्ट?
मौसम विभाग ने आगामी स्थिति को देखते हुए विभिन्न जिलों में अलर्ट जारी किया है:
ऑरेंज अलर्ट (तेज असर की संभावना):
बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर
येलो अलर्ट (सतर्कता जरूरी):
गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, पाली, अजमेर, जालोर
इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओले गिरने की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन और किसानों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए फसल कटाई और भंडारण की व्यवस्था करें। वहीं प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
आगे क्या उम्मीद?
राजस्थान में अप्रैल के शुरुआती दिनों में मौसम का यह उतार-चढ़ाव सामान्य नहीं माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के लगातार बदलते सिस्टम आने वाले दिनों में और भी चुनौतियां खड़ी कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है, ऐसे में किसानों और आमजन दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है।


