वैश्विक स्तर पर बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव और आपूर्ति में बाधा के बावजूद देश के लिए एलपीजी की सप्लाई सुनिश्चित करने के प्रयास सफल होते नजर आ रहे हैं।
94 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहे जहाज
सरकारी जानकारी के अनुसार, दो बड़े जहाज—BW TYR और BW ELM—करीब 94,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इन जहाजों ने संवेदनशील खाड़ी क्षेत्र को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है, जो मौजूदा हालात में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
कब पहुंचेंगे भारत?
- BW TYR जहाज मुंबई की ओर बढ़ रहा है और इसके 31 मार्च तक पहुंचने की संभावना है।
- BW ELM जहाज न्यू मैंगलोर पोर्ट की ओर आ रहा है और इसके 1 अप्रैल तक पहुंचने की उम्मीद है।
इन जहाजों के समय पर पहुंचने से देश में एलपीजी की उपलब्धता पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
वैश्विक संकट के बीच बड़ी राहत
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका असर पूरी दुनिया के साथ भारत पर भी पड़ा है। ऐसे में इन जहाजों का सुरक्षित पहुंचना सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- Advertisement -
भारतीय नाविक सुरक्षित
बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। वर्तमान में पश्चिमी फारस की खाड़ी में 18 भारतीय ध्वज वाले जहाज सक्रिय हैं, जिन पर 485 भारतीय नाविक कार्यरत हैं।
24 घंटे निगरानी में हालात
डीजी शिपिंग का कंट्रोल रूम लगातार 24 घंटे स्थिति पर नजर रखे हुए है।
- हजारों कॉल और ईमेल के जरिए सहायता प्रदान की जा रही है
- अब तक 900 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी करवाई जा चुकी है
विदेश मंत्रालय भी सतर्क
विदेश मंत्रालय खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों के संपर्क में है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार एडवाइजरी जारी कर रहा है। बदलते हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।

