बीकानेर में हर वर्ष की तरह इस बार भी राव बीकाजी संस्थान द्वारा स्थापना दिवस के अवसर पर विविध सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। शहर की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस बार कार्यक्रमों को और विस्तार दिया गया है।
15 अप्रैल से कार्यक्रमों की शुरुआत
संस्थान के अध्यक्ष डॉ. गिरिजा शंकर शर्मा ने बताया कि कार्यक्रमों का शुभारंभ 15 अप्रैल को महारानी सुदर्शन कला दीर्घा में एंटीक वस्तुओं की प्रदर्शनी से होगा। इस प्रदर्शनी में श्री रामकिशन सोनी के संग्रह को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन की जिम्मेदारी अज़ीज़ भुट्टा और डॉ. मो. फारूख चौहान को सौंपी गई है।
लोक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुति
16 अप्रैल को महिला मंडल विद्यालय के ऐतिहासिक हॉल में पारंपरिक लोक गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम के प्रभारी प्रेम नारायण व्यास होंगे, जबकि सह-प्रभारी के रूप में आत्माराम भाटी और वसीम को जिम्मेदारी दी गई है।
त्रिभाषा काव्य संगम का आयोजन
17 अप्रैल को चौपाटी क्षेत्र में त्रिभाषा काव्य संगम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में हिंदी, उर्दू और राजस्थानी भाषा के कवि अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देंगे। आयोजन की कमान इरशाद अज़ीज़ और डॉ. पवन दाधीच संभालेंगे।
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विचार गोष्ठी का आयोजन
18 अप्रैल को होटल लक्ष्मी निवास में विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। इस कार्यक्रम के प्रभारी राजेंद्र जोशी और सह-प्रभारी नरेंद्र सिंह स्याणी होंगे।
19 अप्रैल को मुख्य समारोह
बीकानेर नगर स्थापना दिवस, अक्षय द्वितीया के अवसर पर 19 अप्रैल की सुबह राव बीकाजी की प्रतिमा का विधिवत पूजन किया जाएगा। इसके बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों और युवाओं का सम्मान किया जाएगा।
इस मुख्य कार्यक्रम के प्रभारी कमल रंगा और नरेंद्र सिंह स्याणी होंगे, जबकि सह-प्रभारी के रूप में संजय पुरोहित को जिम्मेदारी दी गई है।
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
इन कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने के लिए संस्थान के पदाधिकारियों और सदस्यों की बैठक हिंदी विश्वभारती अनुसंधान परिषद कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कोषाध्यक्ष रामलाल सोलंकी ने की।
बैठक में वरिष्ठ साहित्यकार भवानी शंकर को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही दो नए सदस्यों—प्रेम नारायण व्यास और मो. वसीम का स्वागत किया गया। सभी कार्यक्रमों के मुख्य समन्वयक और प्रभारी के रूप में सचिव नरेंद्र सिंह स्याणी को नियुक्त किया गया।
आमजन से सहभागिता की अपील
संस्थान अध्यक्ष ने शहरवासियों से इन सभी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है, ताकि बीकानेर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को और मजबूत किया जा सके।

