बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में रक्त वाहिकाओं (धमनियों और शिराओं) से जुड़ी गंभीर बीमारियों का इलाज फिलहाल केवल एक ही वेस्कुलर सर्जन के भरोसे चल रहा है। इस कारण मरीजों को समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है, खासकर रात के समय आपात स्थिति में सेवाएं लगभग ठप रहती हैं।
हाल ही में एक गंभीर मामला सामने आया, जब एक युवक का काम करते समय ग्राइंडर मशीन से हाथ बुरी तरह कट गया और नसें क्षतिग्रस्त हो गईं। अत्यधिक खून बहने के बाद उसे ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जहां डॉक्टरों ने काफी प्रयास कर खून का बहाव तो रोका, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी रही और तुरंत सर्जरी की जरूरत थी।
परिजनों को पता चला कि इस तरह के केस के लिए अस्पताल में न तो पूरी टीम उपलब्ध है और न ही रात में सर्जन मौजूद था। ऐसे में युवक को मजबूरी में दूसरे शहर ले जाना पड़ा, जो काफी जोखिम भरा साबित हो सकता था।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने बताया कि पूरे अस्पताल में केवल एक ही वेस्कुलर सर्जन है, जबकि इस तरह की जटिल सर्जरी के लिए पूरी टीम जरूरी होती है।
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वहीं डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने भी माना कि बिना सर्जन, जूनियर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की टीम के गंभीर ऑपरेशन करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी दूर करने के प्रयास जारी हैं और जल्द स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
इस स्थिति के चलते कई बार मरीजों को अन्य शहरों में रेफर करना पड़ता है, जिससे उनकी जान को खतरा बना रहता है।

