बीकानेर जिले के नापासर क्षेत्र से जुड़े एक पुराने मारपीट मामले में कोर्ट के फैसले के बाद बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। मामले में दोषी पाए गए एक शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) को न केवल पांच साल की सजा सुनाई गई, बल्कि उसे सरकारी सेवा से भी बर्खास्त कर दिया गया है।
प्रकरण के अनुसार, सींथल गांव निवासी बाबूलाल पुत्र मुन्सीराम ने नापासर थाने में पर्चा बयान देते हुए बताया था कि 15 दिसंबर 2004 को वह बीकानेर से सामान लेकर वापस अपनी दुकान पर लौटा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोगों ने उस पर हमला कर दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, हड़मान, बाबूलाल मेघवाल, भानीराम, उदाराम, प्रेमचंद और भंवरराम एकराय होकर आए और चाकू व लाठियों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी बाबूलाल मेघवाल को दोषी मानते हुए पांच साल के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।
बताया जा रहा है कि आरोपी उस समय बज्जू क्षेत्र के राउमावि बांगड़सर में पीटीआई के पद पर कार्यरत था। कोर्ट के फैसले के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए उसे राज्य सेवा से पदच्युत करने के आदेश जारी कर दिए।
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इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के मामलों में सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।

