बीकानेर में भारतीय नववर्ष 2083 के आयोजन की तैयारियों को लेकर महानंद मंदिर परिसर स्थित अनुराधा आचार्य के निवास पर महिला शक्ति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी हिंदू धर्मयात्रा और महाआरती कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां तय की गईं।
बैठक की शुरुआत पार्षद सुधा आचार्य द्वारा शंखनाद के साथ की गई। इस दौरान विप्र फाउंडेशन की लक्ष्मी कश्यप ने हिंदू नववर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि चैत्र प्रतिपदा को सनातन परंपरा में नववर्ष मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इसी दिन सृष्टि की रचना मानी जाती है, नवरात्रि का आरंभ होता है, भगवान राम का राज्याभिषेक हुआ था और सम्राट विक्रमादित्य का काल भी इसी से जुड़ा है। साथ ही इस समय प्रकृति में भी नया परिवर्तन देखने को मिलता है।
बैठक में भारतीय नववर्ष समारोह समिति, बीकानेर के महामंत्री ने महिलाओं से अपील की कि वे टोलियां बनाकर अपने-अपने मोहल्लों और बस्तियों में घर-घर जाकर धर्मयात्रा का प्रचार करें। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी से धर्मयात्रा की भव्यता और बढ़ेगी।
इस अवसर पर किसना जोशी, जशोदा व्यास, मंजू शर्मा, रेणू शर्मा, विजय लक्ष्मी पुरोहित, सुंदर देवी आचार्य, स्नेहलता आचार्य, चित्रा आचार्य, संतोष पुरोहित, शशि आचार्य, योगिता आचार्य, दामिनी जोशी, डिम्पल आचार्य, विमला आचार्य, शिवानी आचार्य, प्रियंका आचार्य, पॉयम पुरोहित, रीना पुरी, शांता दैया, कुसुम, पार्वती पुरोहित, जयश्री पुरोहित, सुनीता पुरोहित, सरोज देवी कोलाणी और प्रेमलता पुरोहित सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति मौजूद रही। 🕉️🙏

