बीकानेर में होली का पर्व पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सोमवार को दिनभर बहनें अपने भाइयों पर माला घोलने की परंपरा निभा सकेंगी, जबकि होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त शाम 6:36 बजे से शुरू होगा।
ज्योतिषाचार्य हरिनारायण व्यास मन्नासा के अनुसार, होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के प्रदोष काल में और भद्रा रहित समय में करना शास्त्रों के अनुसार सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इस वर्ष पूर्णिमा तिथि 2 मार्च की शाम से प्रारंभ होकर 3 मार्च तक रहेगी, इसलिए होलिका दहन 2 मार्च को ही किया जाएगा।
हालांकि इस दिन भद्रा का प्रभाव शाम 5:56 बजे से देर रात तक रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है। ऐसे में शाम 6:36 बजे से रात 9 बजे के बीच होलिका दहन करना सर्वोत्तम रहेगा।
इसके अलावा भद्रा के पुच्छ काल, जो मध्यरात्रि 12:51 बजे से 2:01 बजे तक रहेगा, उस दौरान भी होलिका दहन किया जा सकता है।
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पंडित राजेंद्र किराडू के अनुसार, इस वर्ष होली 2 मार्च को मनाई जाएगी, जबकि धुलंडी 3 मार्च को रहेगी। उन्होंने बताया कि प्रदोष काल, भद्रा पुच्छ काल और भद्रा समाप्ति—इन तीनों समय में होलिका दहन का विधान मान्य है।

