राजस्थान के बीकानेर शहर में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर लोगों में असंतोष गहराता जा रहा है। रखरखाव के नाम पर हो रही लंबी और अघोषित बिजली बंदी ने आमजन, व्यापारियों और घरेलू उपभोक्ताओं को परेशानी में डाल दिया है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता नितिन वत्सस ने निजी बिजली कंपनी के खिलाफ खुला मोर्चा खोलने की घोषणा की है।
त्योहारों के समय कटौती पर सवाल
नितिन वत्सस ने आरोप लगाया कि निजी कंपनी बी.के.सी.एल. द्वारा घोषित समय से अधिक बिजली कटौती की जा रही है। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान विशेष रूप से अघोषित बिजली बंद कर दी जाती है, जिससे शहर की रौनक और सामान्य जीवन प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि होली जैसे बड़े त्योहार के आसपास बार-बार बिजली जाना लोगों के उत्साह पर भी असर डाल रहा है।
वत्सस के अनुसार, घोषित कटौती के बाद भी अतिरिक्त बिजली बंदी से आमजन को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों में कामकाज बाधित हो रहा है, वहीं घरों में बच्चों की पढ़ाई और दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
“औपचारिकता नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए”
उन्होंने यह भी कहा कि वर्षों से बिजली कटौती के खिलाफ केवल ज्ञापन देने की परंपरा चली आ रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उनके मुताबिक, कुछ औपचारिक विरोध के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है और कंपनी अपनी मनमानी जारी रखती है।
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वत्सस ने स्पष्ट किया कि इस बार केवल ज्ञापन देकर इतिश्री नहीं की जाएगी, बल्कि ठोस कदम उठाए जाएंगे। उनका दावा है कि यदि शहर की युवा शक्ति और महिलाएं संगठित होकर आगे आएं, तो कंपनी को लिखित रूप से जवाबदेह बनाया जा सकता है।
होली के बाद घेराव की तैयारी
उन्होंने अपील की है कि होली का पर्व शांति और सौहार्द के साथ मनाने के बाद गुरुवार को कंपनी के बीकानेर स्थित कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं, बल्कि एक जागरूक नागरिक के रूप में किया जाएगा।
वत्सस ने शहरवासियों से आग्रह किया कि वे पार्टी विचारधाराओं से ऊपर उठकर एकजुट हों और बिजली कटौती के मुद्दे पर सामूहिक आवाज बुलंद करें। उनका कहना है कि अब समय आ गया है जब बीकानेर की जनता अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर स्पष्ट संदेश दे।
व्यापार और घरेलू जीवन पर असर
लगातार बिजली कटौती का असर शहर के व्यापार, छोटे उद्योगों और घरेलू जीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। दुकानदारों का कहना है कि अनियमित बिजली आपूर्ति से ग्राहकों को असुविधा होती है और कारोबार प्रभावित होता है। वहीं गृहिणियों और छात्रों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में बढ़ते असंतोष को देखते हुए आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि निजी बिजली कंपनी इस विरोध और चेतावनी के बाद क्या कदम उठाती है।

