महाराष्ट्र के नागपुर जिले से रविवार सुबह दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। काटोल तहसील के राउलगांव में स्थित SBL एनर्जी कंपनी में लगभग सुबह 7 बजे जबरदस्त विस्फोट हुआ। यह कंपनी बारूद, डेटोनेटर और अन्य विस्फोटक सामग्री तैयार करती है। इस भीषण हादसे में 17 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 18 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
मुख्यमंत्री ने किया आर्थिक मदद का ऐलान
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी। इसके अलावा कंपनी भी प्रभावित परिवारों को मुआवजा प्रदान करेगी। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
विस्फोट और अफरा-तफरी
धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के गांवों तक उसकी आवाज़ सुनाई दी। विस्फोट के बाद फैक्ट्री में आग लग गई, जिससे हालात और बिगड़ गए। स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। घटना की खबर फैलते ही मृतकों के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में फैक्ट्री परिसर के बाहर इकट्ठा हो गए।
प्रारंभिक जांच और सुरक्षा मानकों पर सवाल
नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने शुरुआती तौर पर 15 मौतों और 18 घायलों की पुष्टि की। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि विस्फोट तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुआ हो सकता है। पूरे परिसर को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक टीमों को बुलाया गया है।
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स्थानीय विधायक चरणसिंह ठाकुर ने कहा कि कंपनी ने सुरक्षा नियमों की घोर अनदेखी की थी। मजदूरों को बिना आवश्यक प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरण के खतरनाक परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
एक साल पहले भी हुआ था हादसा
राउलगांव क्षेत्र पहले भी विस्फोटों का गवाह रहा है। लगभग एक साल पहले, 16 फरवरी को एशियन फायर वर्क्स कंपनी में बड़ा विस्फोट हुआ था, जिसमें चार मजदूर प्रभावित हुए थे और दो की मौत हो गई थी। लगातार ऐसे हादसों ने नागपुर में विस्फोटक कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

