बीकानेर में होलिका दहन और धुलंडी को लेकर बना असमंजस अब लगभग साफ हो गया है। शहर में इस बार होलिका दहन 2 मार्च, सोमवार को किया जाएगा, जबकि धुलंडी का पर्व 3 मार्च को मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणनाओं और पंचांग के अनुसार प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि होने के कारण सोमवार को ही होलिका दहन करना श्रेष्ठ माना गया है।
जानिए होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5:56 बजे प्रारंभ होगी और 3 मार्च को शाम 5:08 बजे तक रहेगी। होलिका दहन प्रदोष काल में करना शास्त्रसम्मत माना गया है। इस दिन शाम 6:36 बजे से रात 9:00 बजे तक का समय श्रेष्ठ मुहूर्त बताया गया है।
हालांकि भद्रा काल शाम 5:56 बजे से देर रात 5:29 बजे तक रहेगा, जिसे ताज्य माना गया है। भद्रा पुच्छ काल रात 12:51 बजे से 2:01 बजे तक रहेगा। पंडितों के अनुसार प्रदोष काल, भद्रा पुच्छ काल या भद्रा समाप्ति के बाद भी होलिका दहन किया जा सकता है।
बाजारों में दिखी होली की रौनक
रविवार को होली से एक दिन पहले शहर के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। जगह-जगह चंग की थाप पर होली गीत गूंजते रहे। रंग, गुलाल और पिचकारियों से सजी दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ती रही। बच्चों से लेकर युवाओं तक में होली को लेकर खासा उत्साह नजर आया।
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व्यापारियों का कहना है कि इस बार प्राकृतिक रंगों और आकर्षक पिचकारियों की मांग ज्यादा है। मिठाई और गुजिया की दुकानों पर भी ग्राहकों की अच्छी खासी भीड़ रही।
3 मार्च को धुलंडी
देशभर के पंचांगों के अनुसार 3 मार्च को धुलंडी मनाई जाएगी। इस दिन रंग-गुलाल के साथ लोग एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देंगे। प्रशासन की ओर से भी शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।

