राजस्थान के बीकानेर के उभरते युवा कलाकार और ‘बीकानेर रा बन्ना’ के नाम से प्रसिद्ध मुदित पारीक का दूसरा राजस्थानी गीत ‘खुड़को… थारे नाम रो’ इन दिनों खासा चर्चा में है। यह गीत देश की पहली स्वतंत्र क्षेत्रीय एआई तकनीक से निर्मित राजस्थानी गीतमय फिल्म के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसे श्रोताओं का भरपूर प्रेम मिल रहा है।
इस उपलब्धि पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गीत की सराहना करते हुए कलाकार के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से राजस्थानी भाषा और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का यह अभिनव प्रयास सराहनीय है। साथ ही उन्होंने मुदित पारीक को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के पूर्व डीन एवं राजस्थानी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर कल्याण सिंह शेखावत भी उपस्थित रहे और उन्होंने कलाकार को आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम में मौजूद कला प्रेमियों ने गीत का आनंद लेते हुए राजस्थानी भाषा और संस्कृति के प्रति गर्व व्यक्त किया।
‘खुड़को… थारे नाम रो’ को क्षेत्रीय संगीत इंडस्ट्री में एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है, जो परंपरा और आधुनिक तकनीक का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है।

