बीकानेर। राजस्थान में अब सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भी पुलिस थानों के प्रभारी बन सकेंगे। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत एसआई को केवल उन्हीं थानों में एसएचओ लगाया जाएगा, जहां सालाना दर्ज मुकदमों की संख्या 250 से कम हो और एसआई पद पर कम से कम 5 साल का कार्य अनुभव हो।
पिछली व्यवस्था और बदलाव
पहले पुलिस मुख्यालय ने आदेश दिया था कि प्रदेश के सभी थानों में थाना प्रभारी केवल इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी ही होंगे। इसके लिए एसआई को इंस्पेक्टर में पदोन्नत किया गया और उन्हें नॉनफील्ड पदों पर लगाया गया। लेकिन राज्य में इंस्पेक्टर की कमी और थानों में खाली पदों के कारण अब एसआई को भी प्रभारी नियुक्त करने की अनुमति दी गई है।
किन थानों में लगाया जा सकेगा एसआई
डीजी राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि केवल वे थाने, जो जिला मुख्यालय या उपखंड मुख्यालय पर नहीं हैं और जिनमें वार्षिक मुकदमे 250 से अधिक नहीं हैं, वहां एसआई को एसएचओ के रूप में लगाया जा सकेगा। एसआई को थाना प्रभारी बनाने के लिए रेंज प्रभारी (एडीजी) या रेंज आईजी से अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।
पुलिस मुख्यालय की पिछली पहल
सितंबर 2025 में पुलिस मुख्यालय ने पहले ही आदेश दिया था कि थानों में एसएचओ के पद पर लगे एसआई हटाए जाएंगे और खाली पदों को इंस्पेक्टर के साथ भरा जाएगा। इसी क्रम में 111 सब-इंस्पेक्टरों को इंस्पेक्टर में प्रमोट किया गया और आवश्यक प्रशिक्षण के बाद तैनात किया गया। बावजूद इसके कई थाने खाली रह गए थे, जिससे नई गाइडलाइन की जरूरत महसूस की गई।
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इस कदम से छोटे और ग्रामीण थानों में प्रभारी अधिकारियों की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी और पुलिस सेवाओं की कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

