बीकानेर। जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला करणी नगर क्षेत्र से सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने सास और बहू को तीन दिनों तक डिजिटल अरेस्ट के डर में रखकर 48 लाख रुपये की ठगी कर ली।
NIA और कोर्ट का डर दिखाकर फंसाया जाल में
पीड़िता कांता शर्मा पत्नी आनंद कुमार, निवासी करणी नगर ने 24 जनवरी को पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह सेवानिवृत्त अध्यापिका हैं। 21 जनवरी को उनके मोबाइल पर एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को एनआईए अधिकारी बताया। उसने कहा कि उनके आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते से करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ है और विदेश में पैसे भेजे गए हैं।
ठग ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। घबराई कांता शर्मा ने फोन अपनी पुत्रवधू को दे दिया।
फर्जी वारंट और वीडियो कॉल से पूछताछ
आरोपियों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए फर्जी गिरफ्तारी वारंट और सुप्रीम कोर्ट का पत्र दिखाया। वीडियो कॉल में पुलिस की वर्दी पहने व्यक्ति दिखाई दिए, जिन्होंने दोनों महिलाओं को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने और आजीवन कारावास की धमकी दी।
- Advertisement -
ठगों ने साफ निर्देश दिए कि वे घर से बाहर नहीं जाएंगी और किसी को कुछ नहीं बताएंगी। करीब दो से तीन दिनों तक लगातार वीडियो कॉल के जरिए तथाकथित पूछताछ की जाती रही।
बचने के नाम पर मांगे 40 लाख रुपये
डर के माहौल में जब पीड़िता ने बचने का उपाय पूछा, तो ठगों ने 40 लाख रुपये जमा कराने की बात कही। इसके बाद पीड़िता ने उनके बताए खातों में पहले 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए। बाद में चेक के माध्यम से 38 लाख रुपये और जमा करा दिए गए।
पूरी राशि देने के बाद जब सास और बहू ने परिवार के अन्य सदस्यों को घटना बताई, तब साइबर ठगी का खुलासा हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस की कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
48 लाख रुपये की साइबर ठगी की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एसपी कावेन्द्र सागर के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चक्रवर्ती राठौड़ के निर्देशन और साइबर प्रभारी रमेश सर्वटा के सुपरविजन में विशेष टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने बेंगलुरु निवासी किरण कुमार पुत्र प्रहलाद आचार्य को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 38 लाख रुपये की राशि बरामद की गई है, जो डिजिटल अरेस्ट ठगी से जुड़ी बताई जा रही है।
ऐसे करता था साइबर गिरोह ठगी
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवाता था और बाद में चेक के जरिए राशि निकाल ली जाती थी।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
इस कार्रवाई में रमेश कुमार (पुनि), ओमप्रकाश (सउनि), श्रीराम (कांस्टेबल 1648) और महेंद्र (कांस्टेबल 1024) शामिल रहे।
पुलिस की आमजन से अपील
एसपी कावेन्द्र सागर ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, सरकारी एजेंसी के नाम पर डराने या लालच देने वालों से सतर्क रहें। अपनी बैंक, आधार या निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी होती है तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

