बीकानेर में नशे के खिलाफ चल रहे सामाजिक अभियान को नई मजबूती मिली है। महारानी सुदर्शना कन्या महाविद्यालय में शुक्रवार को अंकुश–2 अभियान के तहत एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। यह आयोजन नंदलाल जोशी चैरिटेबल फाउंडेशन और मघाराम कुलरिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
50 हजार विद्यार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य
कार्यक्रम में नगर विधायक जेठानंद व्यास ने भी भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि अंकुश–2 अभियान का उद्देश्य प्रदेशभर में करीब 50 हजार स्कूली और कॉलेज विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूक करना है। अभियान लगातार दूसरे वर्ष संचालित हो रहा है और अब तक 35 हजार से अधिक बच्चों तक इसकी पहुंच बन चुकी है।
डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से किया गया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को एक विशेष डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई, जिसमें नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया। इस माध्यम से छात्राओं को वास्तविक उदाहरणों के जरिए नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
युवाओं को सही दिशा देना समाज की जिम्मेदारी
फाउंडेशन के संयोजक रविंद्र हर्ष ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि आज युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति चिंता का विषय है। खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से ही बच्चों को सही दिशा दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जिनका सकारात्मक असर देखने को मिला।
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नशा पूरे परिवार को करता है प्रभावित
नगर विधायक जेठानंद व्यास ने अपने संबोधन में कहा कि नशा सभी बुराइयों की जड़ है। इससे केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार और समाज प्रभावित होता है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि जन-जागरूकता से ही नशे के खिलाफ मजबूत वातावरण बन सकता है।
डूंगर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. दिग्विजय सिंह ने अभियान को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि नशा मुक्त युवा ही मजबूत देश की नींव रख सकते हैं।
छात्राएं बनेंगी बदलाव की वाहक
कॉलेज प्रिंसिपल नवदीप सिंह बैंस ने कहा कि नशावृत्ति समाज को अंदर से खोखला कर रही है। यदि छात्राएं अपने घर और आसपास नशे के खिलाफ आवाज उठाएंगी, तो यह अभियान शत-प्रतिशत सफल होगा।
जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पचीसिया ने धार्मिक ग्रंथों का उल्लेख करते हुए नशे से दूर रहने का संदेश दिया। वहीं उप जिला शिक्षा अधिकारी अनिल बोड़ा ने कहा कि बच्चों को खेलों से जोड़ना नशे से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
समाज को मिलकर लड़नी होगी लड़ाई
सह-संयोजक ज्योति प्रकाश रंगा और अनिल जोशी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति नहीं, पूरे समाज की समस्या है। इसे खत्म करने के लिए हर वर्ग को साथ आना होगा। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और खेल प्रशिक्षकों से बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. सुनीता बिश्नोई ने किया। इस अवसर पर मीना शर्मा, अंजू सांगवा, जे.पी. व्यास, किशन चौधरी, सावन पारिक सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और समाजसेवी उपस्थित रहे।

