बीकानेर शहर में तकनीक अब केवल दफ्तरों और मोबाइल तक सीमित नहीं रही, बल्कि शादियों के पंडाल तक पहुंच चुकी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल नवाचार के इस दौर में अब शादियों में QR कोड स्कैन करते ही मेहमान पूरे मेन्यू की जानकारी हासिल कर रहे हैं।
जहां पहले शादी में आमतौर पर 5-6 व्यंजन ही परोसे जाते थे, अब 10 से 20 फीसदी अधिक व्यंजन पेश किए जा रहे हैं। इस बढ़ोतरी के कारण कई व्यंजन मेहमानों तक नहीं पहुँच पाते थे। इसी समस्या के समाधान के लिए डिजिटल मेन्यू सिस्टम सामने आया है।
अब शादी समारोह में लगे QR कोड को मोबाइल से स्कैन करने पर स्क्रीन पर सभी व्यंजनों की पूरी सूची दिखाई देती है। इससे मेहमान यह तय कर सकते हैं कि उन्हें कौन-कौन से व्यंजन चखने हैं और क्या छोड़ना है। इस तकनीक का लाभ केवल मेहमानों को ही नहीं बल्कि आयोजकों और वेटर स्टाफ को भी मिल रहा है। वेटर बार-बार व्यंजन बताने की नौबत से बचते हैं और आयोजक यह सुनिश्चित कर पाते हैं कि हर व्यंजन समय पर मेहमानों तक पहुंचे।
इवेंट के अनुसार मेन्यू डेटा बदलने की सुविधा भी दी गई है। इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों ने विशेष वेबसाइट तैयार की है, जहां शादी या किसी अन्य कार्यक्रम के अनुसार डेटा अपडेट किया जा सकता है। अलग-अलग कैटेगरी बनाई गई हैं ताकि हर कार्यक्रम के लिए मेन्यू को अनुकूलित किया जा सके।
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इवेंट मैनेजमेंट विशेषज्ञ गौरव मूंधड़ा बताते हैं कि यह बदलाव सिर्फ शुरुआत है। अगले चरण में टेबल पर टैबलेट सुविधा आने वाली है, जिसके जरिए मेहमान सीधे अपने टेबल पर बैठकर ऑर्डर कर सकेंगे। इससे होटल जैसी सुविधाएं शादियों में भी आम हो जाएंगी।
QR कोड के उपयोग से लाइन में लगने की झंझट खत्म हो जाएगी और वेटर व हलवाई स्टाफ के लिए कार्य भी सरल हो जाएगा। आने वाले समय में डिजिटल मेन्यू और टैबलेट से बैठे-बैठे ऑर्डर की सुविधा शादियों में आम हो जाएगी।
टॉपिक एक्सपर्ट के अनुसार, मेहमान अब बुकिंग से पहले ही पूछते हैं कि नया क्या है। इसी मांग को देखते हुए मेन्यू कार्ड से आगे बढ़कर QR कोड और टैबलेट जैसी सुविधाएं शादियों में पेश की जा रही हैं। व्यंजनों की बढ़ी संख्या के कारण जो भ्रम पैदा होता था, वह डिजिटल मेन्यू से खत्म हो गया है।

