नागौर। जब देश 77वें गणतंत्र दिवस के उत्सव की तैयारियों में व्यस्त था, उसी दौरान राजस्थान के नागौर जिले से सामने आया एक खुलासा सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चेतावनी बन गया। हरसौर क्षेत्र में स्थित एक विशाल फार्महाउस से करीब 10 हजार किलो अमोनियम नाइट्रेट की बरामदगी ने यह साफ कर दिया कि विस्फोटकों का अवैध नेटवर्क कितनी गहराई तक फैला हुआ है।
इस मामले में गिरफ्तार सुलेमान खान कोई नया नाम नहीं है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह पिछले 12 वर्षों से विस्फोटकों की अवैध दुनिया में सक्रिय था और इसी कारोबार के दम पर उसने करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली।
45 बीघा जमीन, ऊंची दीवारें और भीतर बारूद
सुलेमान ने हरसौर गांव के अंतिम छोर पर सुनसान इलाके में करीब 45 बीघा जमीन पर फार्महाउस बना रखा था। बाहर से यह सामान्य कृषि फार्म जैसा नजर आता था, लेकिन इसके भीतर 2 से 3 कमरों में भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट, डेटोनेटर, डेटोनेटिंग वायर और अन्य विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी गई थी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतने बड़े विस्फोटक भंडार के बावजूद यहां किसी भी प्रकार के सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, थोड़ी सी चूक भी पूरे इलाके को तबाही की ओर धकेल सकती थी।
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12 साल से सक्रिय थी सप्लाई चेन
नागौर पुलिस को लंबे समय से जिले में विस्फोटकों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचनाएं मिल रही थीं। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर जिला विशेष टीम (DST) ने 24 जनवरी को फार्महाउस पर दबिश दी और इस बड़े जखीरे का खुलासा हुआ।
एसपी मृदुल कच्छावा के अनुसार, आरोपी के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम सहित संगठित अपराध से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि यह विस्फोटक कहां से लाया गया और किन-किन लोगों तक इसकी सप्लाई होती थी।
एनआईए भी जांच में जुटी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम भी नागौर पहुंच चुकी है। जांच के दौरान सामने आया है कि सुलेमान कानूनी खनन के साथ-साथ अवैध खनन गतिविधियों में भी विस्फोटक सप्लाई करता था।
पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान सुलेमान की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अजमेर के जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके खिलाफ पहले भी विस्फोटकों से जुड़े तीन मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें से एक में उसे बरी किया गया था।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि राजस्थान में हाल के महीनों में विस्फोटकों की बड़ी खेपें पकड़ी गई हैं। नए साल से ठीक पहले एक कार से 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ था। वहीं, मई 2025 में जयपुर के बस्सी क्षेत्र में एक लावारिस पिकअप से 2075 किलो अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया गया था।
इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि विस्फोटकों का अवैध नेटवर्क राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है, जिस पर अब सुरक्षा एजेंसियां सख्ती से शिकंजा कसने में जुटी हैं।

