बीकानेर | Bikaner News
अष्टदश भुजा धारी मां नागणेची माता मंदिर में माता की स्थापना की पावन स्मृति में दो दिवसीय धार्मिक आयोजन 24 और 25 जनवरी को श्रद्धा व भक्ति भाव के साथ आयोजित किए जाएंगे। मंदिर परंपरा के अनुसार वर्ष 1545 में माघ शुक्ल सप्तमी के दिन माता की स्थापना हुई थी, तभी से हर वर्ष इस अवसर को विशेष उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
महोत्सव के पहले दिन 24 जनवरी को मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद माता को छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे। वहीं दूसरे दिन 25 जनवरी की सुबह 108 कन्याओं का पूजन किया जाएगा और माता को 51 किलो लापसी का विशेष भोग लगाया जाएगा। इसके बाद सायंकाल भक्तिमय वातावरण में भव्य भजन संध्या का आयोजन होगा।
भजन संध्या के समापन के पश्चात सभी श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया जाएगा, जिससे पूरे वातावरण में धार्मिक उल्लास देखने को मिलेगा।
मंदिर के पुजारी हरि प्रसाद सेवग ने बताया कि आयोजन को लेकर भक्तों में खासा उत्साह है। आसपास ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु माता के दर्शन और आयोजन में भाग लेने के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी कार्यक्रम पारंपरिक विधि-विधान और पूर्ण श्रद्धा के साथ संपन्न कराए जाएंगे।

