रूपा महाराज के बयान पर पूर्व मंत्री की प्रतिक्रिया
बीकानेर में महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय को लेकर गोचर भूमि से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सामाजिक कार्यकर्ता और गौशाला प्रबंधन से जुड़े रूपकिशोर व्यास उर्फ रूपा महाराज के बयान पर पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए स्थिति स्पष्ट की है।
डॉ. कल्ला ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि बीकानेर में विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर उनके ऊपर लगाए जा रहे आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि विश्वविद्यालय का भवन उनके कार्यकाल में गोचर भूमि पर नहीं बनाया गया।
“मंजूरी हमारे समय में, निर्माण भाजपा शासन में”
डॉ. कल्ला ने कहा कि महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय की स्वीकृति कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जरूर हुई थी, लेकिन इसका प्रशासनिक भवन भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में बना और उसी दौरान उद्घाटन भी हुआ। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके समय में विश्वविद्यालय की कक्षाएं डूंगर कॉलेज परिसर से संचालित की गई थीं।
शिलान्यास समारोह की तस्वीरें की जारी
अपने बयान के समर्थन में डॉ. कल्ला ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के शिलान्यास समारोह की तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं। इन तस्वीरों में तत्कालीन भाजपा सांसद धर्मेंद्र देओल, उस समय की राज्यपाल प्रतिभा पाटिल, विश्वविद्यालय के कुलपति होशियार सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित नजर आ रहे हैं।
- Advertisement -
रामसुखदास महाराज से हुई थी चर्चा
पूर्व मंत्री ने बताया कि जब विश्वविद्यालय की घोषणा हुई थी, तब संत स्वामी रामसुखदास महाराज ने उन्हें और तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ऋषिकेश बुलाया था। उस दौरान महाराज ने स्पष्ट रूप से गोचर भूमि में विश्वविद्यालय भवन नहीं बनाने की बात कही थी, जिस पर उन्होंने सहमति जताई थी।
डॉ. कल्ला ने कहा कि इसके बावजूद बाद में भाजपा शासन के दौरान गोचर क्षेत्र में विश्वविद्यालय भवन का निर्माण किया गया, जिसका कांग्रेस सरकार से कोई सीधा संबंध नहीं था।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच तथ्य रखने का प्रयास
डॉ. कल्ला ने कहा कि विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थानों को लेकर भ्रम फैलाना उचित नहीं है और इस मुद्दे पर तथ्य सामने रखना जरूरी था, इसलिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी।

