बीकानेर में सोलर प्लांट निर्माण के नाम पर खेजड़ी के सैकड़ों पेड़ काटे जाने से पर्यावरण प्रेमियों में गहरा आक्रोश फैल गया है। हाल ही के दो दिनों में पूगल तहसील के करणीसर भाटियान और भानीपुरा क्षेत्रों में कुल 647 खेजड़ी के पेड़ काटे गए।
पर्यावरण प्रेमियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन और शासन की मौन सहमति से पेड़ों की कटाई हो रही है। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार और पटवारी सोलर प्लांट पहुंचे, लेकिन कंपनी की सुरक्षा टीम ने उन्हें बाहर रोक दिया। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद अधिकारियों को अंदर जाने की अनुमति मिली। एसडीएम दिव्या बिश्नोई ने अधिकारियों को कंपनी और सिक्योरिटी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
पर्यावरण कार्यकर्ता मोखराम धारणिया ने कहा कि जिला कलक्टर सोलर प्लांट के लिए बैठकें कर रहे हैं, लेकिन पर्यावरण प्रेमियों से संवाद नहीं कर रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन की मौन सहमति से रोजाना खेजड़ी के पेड़ कटना अस्वीकार्य है।
धारणिया ने बताया कि 2 फरवरी को बीकानेर में एक बड़ा महापड़ाव आयोजित किया जाएगा, जिसमें पश्चिमी राजस्थान के गांव-गांव से हजारों लोग कलेक्ट्रेट घेरने पहुंचेंगे। इस आंदोलन के माध्यम से वे खेजड़ी के संरक्षण और प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करेंगे।

