पश्चिमी राजस्थान में लगातार हो रही खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई को लेकर पर्यावरण प्रेमियों का आक्रोश अब चरम पर पहुंच गया है। बीकानेर संभाग में खेजड़ी के पेड़ों के कटान से व्यथित एक अधिवक्ता ने प्रशासन को आत्मदाह की चेतावनी तक दे दी है, जिससे मामला गंभीर होता नजर आ रहा है।
अधिवक्ता रक्षपाल विश्नोई ने संभागीय आयुक्त को पत्र लिखकर बताया कि करणीसर भाटियान और भानीपुरा क्षेत्र में महज दो दिनों के भीतर सैकड़ों खेजड़ी वृक्ष काट दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सोलर प्लांट से जुड़ी कंपनियों को प्रशासनिक स्तर पर संरक्षण मिल रहा है, जबकि राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
विश्नोई ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि पर्यावरण प्रेमियों द्वारा पूर्व में कई बार जिला प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद अवैध कटाई पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन की उदासीनता के चलते खेजड़ी जैसे संरक्षित वृक्षों का खुलेआम विनाश किया जा रहा है।
पत्र में अधिवक्ता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 16 जनवरी के बाद भी सोलर कंपनियों द्वारा खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई नहीं रोकी गई, तो वे जिला कलक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करेंगे। उन्होंने इस संभावित घटना की संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन पर डालते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
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इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, वहीं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों ने भी खेजड़ी कटाई पर सख्त रोक लगाने की मांग दोहराई है।

