चित्तौड़गढ़ जिले में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) राजस्थान इकाई ने एक अवैध ड्रग निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में लाखों रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ और प्रयोगशाला उपकरण जब्त किए गए। मौके से एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है।
उप नारकोटिक्स आयुक्त नरेश बुंदेल के अनुसार, टीम को सुरजना गांव के पास एक सुनसान मकान में अवैध ड्रग निर्माण की विश्वसनीय सूचना मिली थी। संयुक्त टीम ने वहां छापेमारी कर भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए। जब्त सामग्री में 107 ग्राम मेफेड्रोन पाउडर, 3.961 किलोग्राम मेफेड्रोन कच्चा माल, 1.826 किलोग्राम एल्प्राजोलाम पाउडर और लगभग 200 किलोग्राम रसायन शामिल हैं। इसके अलावा प्रयोगशाला उपकरण और मादक पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बाइक भी जब्त हुई।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने सहयोगी के साथ मिलकर मेफेड्रोन का अवैध निर्माण कर रहा था। सभी जब्त सामग्री को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत कब्जे में लिया गया है।
सीबीएन अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है, जिसमें कच्चे माल के स्रोत, वित्तीय लेन-देन और मादक पदार्थों की आपूर्ति का पता लगाया जा रहा है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने कहा कि अवैध मादक पदार्थ निर्माण और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि समाज और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके।

