श्रीकोलायत क्षेत्र के एक गांव में स्थित नामचीन निजी स्कूल की सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई है। ग्रामीणों ने स्कूल की इंस्टाग्राम आईडी पर अपलोड किए गए कुछ वीडियो पर आपत्ति जताई है, जिनमें स्कूली बच्चियों को पंजाबी गानों पर वीडियो रील्स में दिखाया गया।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया:
ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों, कार्यक्रमों या उपलब्धियों से संबंधित वीडियो साझा किए जाएं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन कुछ वीडियो ऐसे हैं, जो पढ़ाई और शिक्षा के वातावरण के अनुरूप नहीं माने जा सकते। इसी कारण वीडियो का विरोध किया गया।
प्रशासनिक कार्रवाई:
इस मामले की जानकारी कोलायत उपखंड अधिकारी राजेश कुमार और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी संदीप गौड़ तक भी पहुंचाई गई। अधिकारियों ने कहा कि जिन वीडियो की शिकायत आई है, उनका सोशल मीडिया पर साझा होना उचित नहीं है। इस संबंध में संबंधित स्कूल को नोटिस दिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया और शिक्षा का संतुलन:
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूलों द्वारा सोशल मीडिया का उपयोग किस उद्देश्य और किस सीमा में किया जा रहा है, इसे देखा जा रहा है। लक्ष्य यह है कि शिक्षा का वातावरण प्रभावित न हो और विद्यार्थियों की गरिमा व सुरक्षा बनी रहे। अधिकारी मानते हैं कि वीडियो बनाने का उद्देश्य शिक्षा से संबंधित हो सकता है, लेकिन जनता इसे अलग नजरिए से देख रही है, और उसी कारण विरोध हुआ।

