बीकानेर। राजस्थान सरकार ने महिला सशक्तीकरण और युवाओं के रोजगार के क्षेत्र में अहम कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट पूर्व संवाद में छात्राओं और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय नागरिकों के साथ चर्चा करते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश “विकसित भारत” की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस परिवर्तन की धुरी नारी शक्ति है। डबल इंजन सरकार ने महिला सशक्तीकरण को जीवन के हर चरण से जोड़ते हुए मातृत्व, शिक्षा, आजीविका और सम्मानजनक जीवन तक इसे सुनिश्चित किया है।
महिला सशक्तीकरण की प्रमुख उपलब्धियां
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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से लगभग 10 लाख महिलाएं लाभान्वित
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सहायता राशि बढ़ाकर 6,500 रुपये की गई
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राज्य में 20 लाख महिलाओं को कौशल विकास और आजीविका प्रशिक्षण
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12 लाख से अधिक महिलाएं बनीं “लखपति दीदी”
मुख्यमंत्री ने बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लाडो प्रोत्साहन योजना की राशि बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दी गई है। अब तक प्रदेश में 10.5 लाख साइकिलें और 40 हजार स्कूटियां छात्राओं को वितरित की जा चुकी हैं। इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों की महिलाओं को 450 रुपये में गैस सिलेंडर सुविधा प्रदान की जा रही है।
रोजगार और सरकारी नौकरियों में उपलब्धियां
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बीते दो वर्षों में 1 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई
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1.5 लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी
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3.3 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान
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पेपरलीक पर प्रभावी नियंत्रण और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन, उद्योग, स्टार्टअप और मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के लिए असीम संभावनाएं हैं। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका निर्णायक होगी।

