अजमेर: शिक्षा विभाग के मंत्रालयिक ढांचे में बड़ा बदलाव
राजस्थान सरकार ने स्कूली शिक्षा विभाग के मंत्रालयिक संवर्ग में बड़ा पुनर्गठन करते हुए कनिष्ठ सहायक (पूर्व में एलडीसी) के 943 पद एक साथ समाप्त कर दिए हैं। यह निर्णय माध्यमिक और प्रारंभिक शिक्षा विभाग दोनों पर लागू किया गया है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुल मंत्रालयिक पदों की संख्या में कोई कमी नहीं की गई है।
कुल पद वही, लेकिन कैडर में बदलाव
वित्त विभाग की संयुक्त शासन सचिव डॉ. भारती दीक्षित की ओर से जारी आदेश के अनुसार, शिक्षा विभाग में मंत्रालयिक संवर्ग के कुल पदों की संख्या 27,041 पहले की तरह ही रखी गई है। पुनर्गठन के तहत निचले स्तर के पदों में कटौती कर उच्चतर कैडर के पदों में बढ़ोतरी की गई है।
कनिष्ठ सहायक पर सबसे ज्यादा असर
पुनर्गठन में सबसे बड़ी कटौती कनिष्ठ सहायक पदों पर की गई है। विभाग में स्वीकृत 12,814 पदों में से 943 पद समाप्त कर दिए गए हैं, जिसके बाद अब इनकी संख्या 11,871 रह गई है। यह कटौती केवल कनिष्ठ सहायक कैडर तक सीमित रखी गई है।
उच्च पदों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
सरकार ने अधिकारी स्तर के पदों में इजाफा किया है। संस्थापन अधिकारी के 102, प्रशासनिक अधिकारी के 164 और अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के 412 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा सहायक प्रशासनिक अधिकारी और वरिष्ठ सहायक के पदों में भी सीमित वृद्धि की गई है।
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विभागवार पदों का बंटवारा
पुनर्गठन के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग में कनिष्ठ सहायक के 893 पद समाप्त किए गए, जबकि प्रारंभिक शिक्षा विभाग में 50 पद घटाए गए हैं। वहीं माध्यमिक शिक्षा में संस्थापन अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी और सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पदों में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में भी अधिकारी स्तर पर सीमित संख्या में पद बढ़ाए गए हैं।
स्वतः विलोपित होंगे अतिरिक्त पद
आदेश के अनुसार यह पुनर्गठन 14 अक्टूबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा। यदि किसी कार्यालय में स्वीकृत पदों से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, तो उन्हें अस्थायी रूप से समायोजित माना जाएगा। ऐसे पद कर्मचारी की पदोन्नति, स्थानांतरण या सेवानिवृत्ति के बाद स्वतः समाप्त हो जाएंगे।
कर्मचारी संघ का विरोध
कनिष्ठ सहायक पदों में की गई कटौती का शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ राजस्थान ने विरोध जताया है। संघ का कहना है कि कनिष्ठ सहायक विभागीय प्रशासन की रीढ़ हैं और इनके पद घटने से कार्यालयी कार्य प्रभावित होंगे, विशेषकर पीईईओ स्तर पर।
पुनर्विचार की मांग
संघ के प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने कहा कि कनिष्ठ सहायक ही जमीनी स्तर पर विभागीय कामकाज संभालते हैं। अधिकारी स्तर के पद बढ़ाने से फाइलों का संचालन तो होगा, लेकिन वास्तविक कार्य प्रभावित होगा। उन्होंने सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है।

