जालोर। राजस्थान पुलिस विभाग में कांस्टेबल भर्ती घोटाले का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। एसओजी मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर एसपी जालोर द्वारा गठित जांच कमेटी ने वर्ष 2018 और 2021 की भर्ती प्रक्रिया में संदिग्ध उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच की। जांच में फर्जी दस्तावेज और डमी कैंडिडेट का इस्तेमाल कर सरकारी नौकरी पाने वाले कुल 38 कांस्टेबलों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
31 जुलाई 2024 को अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एसओजी जयपुर ने पिछले पांच वर्षों में हुई भर्तियों में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज प्रस्तुत करने और डमी उम्मीदवारों के माध्यम से नौकरी प्राप्त करने की जांच के निर्देश दिए थे।
जांच का मुख्य आधार यह था कि परीक्षा देने वाला और नौकरी करने वाला व्यक्ति एक ही है या नहीं। इस सघन जांच में भर्ती किए गए कर्मचारियों के शैक्षणिक पात्रता दस्तावेज, आवेदन पत्र, फोटो और हस्ताक्षर का मिलान किया गया।
2018 भर्ती में 26 के खिलाफ FIR
कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2018 में फर्जीवाड़े के आरोप में जैसाराम, दिनेश कुमार, अर्जुन कुमार, घेवरचंद, यशवंत सिंह, बदाराम, गोपीलाल, हरीश कुमार, नरपत सिंह, नपाराम, सुरेश कुमार, चतराराम, भाणाराम, रमेश कुमार, सुशीला कुमारी, शांतिलाल, देवीसिंह, जितेंद्र कुमार, राकेश कुमार, मुकेश कुमार, डूंगरा राम, रेवन्तीरमण और खुशीराम समेत कुल 26 उम्मीदवारों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। जांच में उनके दस्तावेजों और वर्तमान हस्ताक्षरों में भिन्नता पाई गई।
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2021 भर्ती में 12 के खिलाफ मामला
वर्ष 2021 की कांस्टेबल भर्ती में प्रदीप कुमार, अनिल कुमार, संजय कुमार, धनवंती, प्रियंका, ललिता, निरमा, सपना शर्मा, संदीप कुमार, पंकज कुमार और सोहनलाल के खिलाफ भी फर्जीवाड़े के मामले दर्ज किए गए हैं। इनके दस्तावेजों में भी भर्ती समय और वर्तमान हस्ताक्षरों में असंगति पाई गई।
एसपी जालोर ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।

