उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों से आ रही तेज और ठंडी हवाओं ने राजस्थान में सर्दी का असर और बढ़ा दिया है। शनिवार, 10 जनवरी को भी प्रदेश के 13 जिलों में घना कोहरा और शीतलहर को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। ठंड के साथ-साथ कई शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर भी चिंता बढ़ाने लगा है।
कोहरे का असर, उड़ानें रद्द
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर उदयपुर में देखने को मिला, जहां दृश्यता बेहद कम होने के कारण इंडिगो की दो उड़ानों को रद्द करना पड़ा। सुबह के समय कोहरे के चलते हवाई, सड़क और रेल यातायात प्रभावित रहा।
प्रदूषण भी बढ़ा
तेज सर्दी के बीच शनिवार सुबह कोटा और भिवाड़ी में एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार दर्ज किया गया। यह स्तर गंभीर श्रेणी में आता है और कई इलाकों में दिल्ली के सामान्य प्रदूषण स्तर के बराबर माना जा रहा है। ठंडी हवा और स्थिर वातावरण के कारण प्रदूषक कण हवा में जमा हो रहे हैं।
अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम
मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक सर्दी का यही असर बना रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि आने वाले दो से तीन दिन तक कई जिलों में घना कोहरा छाया रह सकता है।
शेखावाटी क्षेत्र के साथ जयपुर और भरतपुर संभाग में शीतलहर का असर अधिक रहेगा, जिससे न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। हालांकि इसके बाद मौसम सामान्य रूप से साफ रहने का अनुमान है।
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बीकानेर में हालात सबसे खराब
बीकानेर में शनिवार सुबह से ही घना कोहरा और शीतलहर का दौर जारी है। अलसुबह दृश्यता घटकर करीब 20 मीटर तक रह गई, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। कई स्थानों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए।
तेज ठंड के कारण आमजन के साथ स्कूली बच्चों को भी खासा परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सुबह के समय ठंड और कोहरे के चलते स्कूल जाने वाले बच्चों की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ने की आशंका है।
सतर्कता की जरूरत
मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और देर रात अनावश्यक यात्रा से बचने, वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। घने कोहरे और शीतलहर के बीच आने वाले कुछ दिन राजस्थान के लिए चुनौतीपूर्ण बने रह सकते हैं।

